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तलाश में भटक रही थी पत्नी, हो चुकी मौत

Thu, 06 May 2021 11:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 06 May 2021 11:19 PM IST
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पयागपुर (बहराइच)। तालाब बघेल सुभाष नगर कालोनी निवासी एक ग्रामीण 21 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव आया था। सीएचसी अधीक्षक की सूचना पर एंबुलेंस कर्मी उसे कोविड अस्पताल ले गए। लेकिन यहां पर बिना इंट्री कराए ही मरीज को बाहर छोड़कर चले गए। दूसरे दिन ग्रामीण की मौत हो गई। लेकिन रजिस्टर में इंट्री न होने से स्वास्थ्य टीम ने उसका लावारिस में अंतिम संस्कार करवा दिया। जबकि महिला पति की तलाश में स्वास्थ्य विभाग से लेकर पुलिस विभाग के द्वार पर भटकती रही। पुलिस की तत्परता से गुरुवार को घटना का खुलासा हो सका।
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पयागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तालाब बघेल सुभाष नगर कालोनी निवासी हरीश मंडल (35) की तबियत खराब थी। हरीश 21 अप्रैल को बीमार होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर इलाज के लिए गया था। कोविड जांच के दौरान ग्रामीण पॉजिटिव मिला। इस पर अधीक्षक डॉ. मृत्युंजय पाठक ने कोविड कंट्रोल रूम से संपर्क कर एंबुलेंस की मांग की। यहां पर 108 एंबुलेंस कर्मी प्रमोद पांडेय व चालक ने उसे जिला मुख्यालय स्थित कोविड हास्पिटल एल टू में गेट के बाहर छोड़ दिया। कंट्रोल रूम के कर्मचारियों को जानकारी भी नहीं दी। कंट्रोल रूम के कर्मियों ग्रामीण को बिना लिखापढ़ी के भर्ती कर लिया गया।
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दूसरे दिन उसकी मौत हो गई। पता न लिखा होने के कारण परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी। 15 दिनों तक पत्नी पति की खोज में दर-दर भटकती रही। जब पति का कहीं पता नहीं चला तो उसने पयागपुर थाने में तहरीर देकर पति की खोज करने की गुहार लगाई। इस पर पुलिस हरकत में आ गई। पूरे घटनाक्रम की छानबीन की तो पता चला कि कोरोना संक्रमित की भर्ती होने के दो दिन बाद मौत हो गई थी। पता न लिखा होने से उसे लावारिस में दफना दिया गया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
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वहीं कोरोना से मौत के आंकड़े छिपाने की बात भी लोग आपस में कर रहे हैं। लेकिन हरीश की मृत्यु होने पर उसका शव भी परिवार के लोग नहीं देख पाए और लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मामले में पयागपुर थानाध्यक्ष बृजानंद सिंह का कहना है कि पुलिस की छानबीन में ग्रामीण के मृत होने की जानकारी मिली है। एंबुलेंस के दोनों कर्मियों के विरुद्ध जांच के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

पयागपुर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी हरीश का पता लगाने के लिए पत्नी सीएचसी, कोविड अस्पताल और थाने का चक्कर लगा रही थी। थानाध्यक्ष बृजानंद सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच शुरू की गई। अस्पताल उस तिथि के मौत का आंकड़ा निकाला गया। जिसमें एक लावारिस व्यक्ति के मौत की सूचना मिली। पुलिस टीम महिला को लेकर नगर कोतवाली पहुंची। यहां पर लावारिस शव के कपड़ों को देखकर पत्नी सुशीला से पहचान कराई। कपड़े देखकर सुशीला ने अपने पति के होने की बात स्वीकारी।
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