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यूपी: किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा, बाल न्यायालय का फैसला
Mon, 21 Sep 2026 11:04 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:04 PM IST
सार
मामले में अभियुक्त के नाबालिग होने के कारण मामला पहले किशोर न्याय बोर्ड में चला। बोर्ड ने अपराध को गंभीर मानते हुए तीन सितंबर 2024 को इसे बाल न्यायालय भेज दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अरविंद गौतम ने साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
किशोरी से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में बाल न्यायालय ने सोमवार को आरोपी आलोक को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 54 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना के समय अभियुक्त नाबालिग था।
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अभियोजन के अनुसार वर्ष 2022 में किशोरी के भाई ने दरगाह शरीफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आलोक बहला-फुसलाकर उसकी 15 वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म करता था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस ने जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाकर 26 जुलाई 2022 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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अभियुक्त के नाबालिग होने के कारण मामला पहले किशोर न्याय बोर्ड में चला। बोर्ड ने अपराध को गंभीर मानते हुए तीन सितंबर 2024 को इसे बाल न्यायालय भेज दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अरविंद गौतम ने साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई। घटना के समय अभियुक्त नाबालिग होने के कारण सजा का क्रियान्वयन किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार होगा।