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Bahraich News: तीन दिन से अलर्ट, फिर भी नहीं बरसे मेघ

Sun, 05 Jul 2026 11:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:38 PM IST
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Alert for three days, yet it did not rain
बहराइच में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
बहराइच। तराई में मौसम का मिजाज लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। पिछले तीन दिनों से मौसम विभाग लगातार गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी कर रहा है, लेकिन जिले में बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी।
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दिनभर चिलचिलाती धूप और भीषण उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। रविवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन रविवार देर शाम तक आसमान में बारिश के कोई ठोस संकेत नहीं दिखे।
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मौसम में नमी अधिक होने और बारिश न होने से वातावरण में उमस लगातार बढ़ रही है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। बिजली की आंख-मिचौली ने परेशानी को और बढ़ा दिया। गर्मी और उमस के कारण अस्पतालों में भी बुखार, डिहाइड्रेशन और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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मौसम वैज्ञानिक ने बताया कारण
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पील त्रिपाठी ने बताया कि इस समय क्षेत्र में कम दबाव का प्रभावी क्षेत्र विकसित नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो सका है। हालांकि अगले 24 घंटे में मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत हैं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित होने लगी है। खेतों में तैयार नर्सरी सूखने लगी है और सिंचाई पर किसानों की निर्भरता बढ़ गई है। डीजल और बिजली से सिंचाई करने के कारण खेती की लागत भी बढ़ रही है।

कृषि सलाहकार डॉ. अरुण राजभर ने बताया कि जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली है, वे उसकी नमी बनाए रखें। जहां संभव हो वहां हल्की सिंचाई करें और बारिश का इंतजार करते हुए खेतों की तैयारी पूरी रखें। उन्होंने कहा कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई प्रभावित हो सकती है।


किसान बोले, बारिश नहीं हुई तो बढ़ेंगी मुश्किलें
महसी के किसान रामनरेश यादव ने बताया कि तीन दिन से बारिश की उम्मीद में खेत तैयार हैं, लेकिन बादल केवल आते-जाते हैं। अब धान की रोपाई में देरी होने लगी है। रिसिया निवासी मोहम्मद अयूब ने कहा कि उमस इतनी अधिक है कि घरों में बैठना भी मुश्किल हो गया है। दिनभर पसीना निकलता रहता है और रात में भी राहत नहीं मिल रही। नानपारा के किसान राजेश वर्मा ने बताया कि बारिश नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं। ट्यूबवेल से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे खर्च लगातार बढ़ रहा है। यदि एक-दो दिन में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
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