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अखिलेश ने भरोसेमंदों को दी तरजीह
अमर उजाला/बहराइच
Updated Fri, 20 Jan 2017 11:49 PM IST
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रामपुर में शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे बसपा पदाधिकारी। अमर उजाला
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17वीं विधानसभा के लिए जिले में पांचवें चरण में मतदान होना है। इसके लिए शुक्रवार को सपा ने अपने पत्ते खोल दिए। टिकट वितरण की जो सूची जारी की है, जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया गया। लेकिन सूत्रों के मुताबिक पूर्व कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद ने बेटे को कैसरगंज सीट से चुनाव लड़ाने से इन्कार कर दिया है। वहीं नानपारा और महसी विधानसभा सीट पर सपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। माना जा रहा है कि यह दोनों सीटें गठबंधन के चलते कांग्रेस को मिल सकती हैं।
सपा ने गुरुवार को प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। 191 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की गई है। बहराइच जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। लेकिन सूची में पांच विधानसभा सीटों पर सपा ने प्रत्याशी घोषित किए हैं। इनमें मटेरा से कैबिनेट मंत्री यासर शाह, बहराइच सदर से पूर्व सांसद रुआब सईदा, बलहा से राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध को उम्मीदवार बनाया गया है। पयागपुर में मुकेश श्रीवास्तव प्रत्याशी हैं।
वहीं कैसरगंज सीट पर सपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा को मैदान में उतारा है। सपा के इस दांव से राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज हो गई। लेकिन टिकट की सूची सार्वजनिक होते ही बेनी प्रसाद वर्मा ने पांव पीछे खींच लिए हैं। सूत्रों की मानें तो पूर्व कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कैसरगंज के चुनावी मैदान में बेटे को उतारने से किनारा कस लिया है। उधर, कैसरगंज सीट की बात करें तो वर्ष 1993 में सपा के टिकट से रामतेज यादव चुनाव जीते थे। 1996 में भी रामतेज का कब्जा था। लेकिन 2002 के चुनाव में भाजपा ने सीट झटक ली थी।
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कैसरगंज सीट पर सपा ने जो नया दांव चला है। इस सीट पर वर्ष 2002 में मुकुट बिहारी वर्मा ने भाजपा के टिकट से चुनाव जीता था। हालांकि वर्ष 2007 के चुनाव में बसपा ने भाजपा से यह सीट छीन ली थी। वहीं वर्ष 2012 में पुन: भाजपा ने बसपा को पटखनी देकर सीट पर कब्जा जमाया था। अब सपा ने नई पैंतरेबाजी की है। ऐसे में राजनीतिक पंडित भी इस पैंतरेबाजी से हतप्रभ हैं। मुकाबला रोचक होने के आसार हैं।
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सपा ने गुरुवार को प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। 191 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की गई है। बहराइच जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। लेकिन सूची में पांच विधानसभा सीटों पर सपा ने प्रत्याशी घोषित किए हैं। इनमें मटेरा से कैबिनेट मंत्री यासर शाह, बहराइच सदर से पूर्व सांसद रुआब सईदा, बलहा से राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध को उम्मीदवार बनाया गया है। पयागपुर में मुकेश श्रीवास्तव प्रत्याशी हैं।
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वहीं कैसरगंज सीट पर सपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा को मैदान में उतारा है। सपा के इस दांव से राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज हो गई। लेकिन टिकट की सूची सार्वजनिक होते ही बेनी प्रसाद वर्मा ने पांव पीछे खींच लिए हैं। सूत्रों की मानें तो पूर्व कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कैसरगंज के चुनावी मैदान में बेटे को उतारने से किनारा कस लिया है। उधर, कैसरगंज सीट की बात करें तो वर्ष 1993 में सपा के टिकट से रामतेज यादव चुनाव जीते थे। 1996 में भी रामतेज का कब्जा था। लेकिन 2002 के चुनाव में भाजपा ने सीट झटक ली थी।
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कैसरगंज सीट पर सपा ने जो नया दांव चला है। इस सीट पर वर्ष 2002 में मुकुट बिहारी वर्मा ने भाजपा के टिकट से चुनाव जीता था। हालांकि वर्ष 2007 के चुनाव में बसपा ने भाजपा से यह सीट छीन ली थी। वहीं वर्ष 2012 में पुन: भाजपा ने बसपा को पटखनी देकर सीट पर कब्जा जमाया था। अब सपा ने नई पैंतरेबाजी की है। ऐसे में राजनीतिक पंडित भी इस पैंतरेबाजी से हतप्रभ हैं। मुकाबला रोचक होने के आसार हैं।