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ग्राम न्यायालय के विरोध में वकील
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 27 Feb 2016 09:45 PM IST
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बहराइच। जिला अधिवक्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को जनपद न्यायाधीश व नगर मजिस्ट्रेट से मिला। इस मौके पर सभी ने जनपद न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर ग्राम न्यायालय की स्थापना पर विरोध जताया।
तहसील महसी व नानपारा में ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। सभी शासन द्वारा ग्राम न्यायालय की स्थापना की घोषणा के बाद से आंदोलित हो उठे हैं।
इसी के तहत शनिवार को वकीलों ने दीवानी न्यायालय के सभाकक्ष में बैठक की। बैठक के बाद अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल जनपद न्यायाधीश से मिला। इस दौरान सभी ने वरिष्ठ न्यायमूर्ति, मुख्य न्यायाधीश, प्रशासनिक निरीक्षण न्यायमूर्ति को संबोधित ज्ञापन जनपद न्यायाधीश को सौंपकर ग्राम न्यायालय की स्थापना पर विरोध प्रकट किया।
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जनपद न्यायाधीश से मिलने के बाद वकीलों ने अध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह की अगुवाई में डीएम कार्यालय पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महामंत्री मोहन मुरारी गौड़ ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मानक के अनुसार नवसृजित ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। न्यायालयों की स्थापना अव्यवहारिक है।
नवसृजित ग्राम न्यायालय का जिला अधिवक्ता संघ पुरजोर विरोध करता है। धरने के बाद वकीलों ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर शासन के निर्णय पर अपना विरोध जताया।
इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष गयाप्रसाद मिश्र, एहतेशाम हैदर जाफरी, पैकर जमाल, अजीत प्रताप सिंह, श्याम बहादुर सिंह, स्वदेश कुमार सिंह, हरिशरण श्रीवास्तव, मंजू चौधरी व अनीस खां आदि मौजूद रहे।
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तहसील महसी व नानपारा में ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। सभी शासन द्वारा ग्राम न्यायालय की स्थापना की घोषणा के बाद से आंदोलित हो उठे हैं।
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इसी के तहत शनिवार को वकीलों ने दीवानी न्यायालय के सभाकक्ष में बैठक की। बैठक के बाद अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल जनपद न्यायाधीश से मिला। इस दौरान सभी ने वरिष्ठ न्यायमूर्ति, मुख्य न्यायाधीश, प्रशासनिक निरीक्षण न्यायमूर्ति को संबोधित ज्ञापन जनपद न्यायाधीश को सौंपकर ग्राम न्यायालय की स्थापना पर विरोध प्रकट किया।
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जनपद न्यायाधीश से मिलने के बाद वकीलों ने अध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह की अगुवाई में डीएम कार्यालय पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महामंत्री मोहन मुरारी गौड़ ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मानक के अनुसार नवसृजित ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। न्यायालयों की स्थापना अव्यवहारिक है।
नवसृजित ग्राम न्यायालय का जिला अधिवक्ता संघ पुरजोर विरोध करता है। धरने के बाद वकीलों ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर शासन के निर्णय पर अपना विरोध जताया।
इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष गयाप्रसाद मिश्र, एहतेशाम हैदर जाफरी, पैकर जमाल, अजीत प्रताप सिंह, श्याम बहादुर सिंह, स्वदेश कुमार सिंह, हरिशरण श्रीवास्तव, मंजू चौधरी व अनीस खां आदि मौजूद रहे।