{"_id":"5d5adb4d8ebc3e89791f125e","slug":"a-house-and-40-bigha-fields-covered-in-ghaghra-bahraich-news-lko47705974","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा में समाया एक मकान व 40 बीघा खेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा में समाया एक मकान व 40 बीघा खेत
विज्ञापन
कैसरगंज के भिरगूपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। कैसरगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। घाघरा नदी की कटान से मंझारा तौकली के ग्रामीण दहशत में हैं। करीब 40 बीघा खेत नदी में समा गए। भिरगूपुरवा गांव में एक मकान भी नदी में समाहित हो गया है। प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण आक्रोशित हैं। हालांकि जलस्तर नहीं बढ़ने के कारण महसी के इलाके में ग्रामीण राहत की सांस ले रहे हैं। घूरदेवी पर नदी का जलस्तर करीब सवा मीटर नीचे है।
घाघरा नदी कई दिनों से शांत रहने के बाद फिर से उग्र रूप धारण कर रही है। घाघरा नदी ने कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। ग्रामीणों की खेती योग्य जमीनें नदी में समाहित हो रही हैं। कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली के ग्रामीणों में दहशत है। मंझारा तौकली में घाघरा नदी तेज से कटान कर रही है।
इसके अलावा भिरगूपुरवा और ग्यारह सौ रेती गांव में भी घाघरा नदी की कटान तेज है। भिरगूपुरवा और ग्यारह सौ रेती गांव निवासी ज्ञानचंद, नन्हें गौतम, रामा आशीष, रमेश आदि की करीब 40 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा नदी में समाहित हो गई है। वहीं भिरगूपुरवा गांव के राजेंद्र का मकान भी नदी में कट गया।
विज्ञापन
इसी तरह महसी में घाघरा नदी के जलस्तर में 24 घंटे के अंदर करीब 20 सेंटीमीटर की कमी आयी है। जिसके चलते किसानगंज के कोढ़वा व पिपरी गांव के निकट कटान तेज हो गई है। कोढ़वा निवासी संजय कुमार व पिपरी के महफूज, जाफर, मकबूल, छोटेलाल आदि के आशियाने कटान के मुहाने पर हैं।
ग्रामीणों में दहशत है। धान और गन्ने की फसल लगी खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो रही है। लेकिन कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
दी जाएगी अहेतुक सहायता
कैसरगंज तहसील क्षेत्र के कटान प्रभावित गांवों के निरीक्षण का निर्देश राजस्व कर्मियों को दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आपदा राहत के तहत सभी कटान पीड़ितों को अहेतुक सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। नदी के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
- रामजीत मौर्य, एसडीएम कैसरगंज
विज्ञापन
घाघरा नदी कई दिनों से शांत रहने के बाद फिर से उग्र रूप धारण कर रही है। घाघरा नदी ने कैसरगंज और महसी तहसील क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। ग्रामीणों की खेती योग्य जमीनें नदी में समाहित हो रही हैं। कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मंझारा तौकली के ग्रामीणों में दहशत है। मंझारा तौकली में घाघरा नदी तेज से कटान कर रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा भिरगूपुरवा और ग्यारह सौ रेती गांव में भी घाघरा नदी की कटान तेज है। भिरगूपुरवा और ग्यारह सौ रेती गांव निवासी ज्ञानचंद, नन्हें गौतम, रामा आशीष, रमेश आदि की करीब 40 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा नदी में समाहित हो गई है। वहीं भिरगूपुरवा गांव के राजेंद्र का मकान भी नदी में कट गया।
विज्ञापन
इसी तरह महसी में घाघरा नदी के जलस्तर में 24 घंटे के अंदर करीब 20 सेंटीमीटर की कमी आयी है। जिसके चलते किसानगंज के कोढ़वा व पिपरी गांव के निकट कटान तेज हो गई है। कोढ़वा निवासी संजय कुमार व पिपरी के महफूज, जाफर, मकबूल, छोटेलाल आदि के आशियाने कटान के मुहाने पर हैं।
ग्रामीणों में दहशत है। धान और गन्ने की फसल लगी खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो रही है। लेकिन कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
दी जाएगी अहेतुक सहायता
कैसरगंज तहसील क्षेत्र के कटान प्रभावित गांवों के निरीक्षण का निर्देश राजस्व कर्मियों को दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आपदा राहत के तहत सभी कटान पीड़ितों को अहेतुक सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। नदी के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
- रामजीत मौर्य, एसडीएम कैसरगंज