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मंजिल तक पहुंचने को मारामारी
Bahraich
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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बहराइच। दीपावली पर्व की समाप्ति के बाद रविवार को गंतव्य स्थान तक पंहुचने के लिए यात्रियों को बसों की किल्लत से जूझना पड़ा। यात्रियो को मजबूरीवश अधिक किराया देकर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान रोडवेज प्रशासन के दावे तार-तार नजर आए।
दीपावली पर्व से पूर्व रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों को त्योहार की वापसी में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था करने का दावा किया था। लेकिन रविवार को दीपावली पर्व की समाप्ति के बाद जब यात्री बस अड्डा पंहुचे तो रोडवेज प्रशासन के दावे तार-तार नजर आये। मालूम हो कि जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज बस अड्डे से मौजूदा समय में 65 बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर हो रहा है। जबकि त्योहार से पूर्व रोडवेज प्रशासन ने लोगों की वापसी पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने का दावा किया था। लेकिन रविवार को बसें नदारद दिखीं। जो भी बस आतीं, उस पर सवार होने के लिए यात्री दौड़ पड़ते। जिससे अफरा तफरी की स्थिति रही। सुबह 11 बजे के बाद से अचानक बढ़ी यात्रियों की संख्या से रोडवेज प्रशासन हांफता नजर आया। रोडवेज बस अड्डे पर बसों की किल्लत से प्राइवेट वाहन संचालकों की खूब चांदी रही। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए मनमाने किराये वसूले। इस मामले में एआरएम अवधेश कुमार पाल ने बताया कि दीपावली के त्योहार के बाद यात्रियों की वापसी में अचानक वृद्वि हो गई। जबकि बसों की पर्याप्त व्यवस्था थी। लेकिन रास्ता खराब होने के चलते बसों की वापसी में देर लग जाती थी। इसलिए दोपहर में बसों की कमी हो गई थी। शाम से बसें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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दीपावली पर्व से पूर्व रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों को त्योहार की वापसी में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था करने का दावा किया था। लेकिन रविवार को दीपावली पर्व की समाप्ति के बाद जब यात्री बस अड्डा पंहुचे तो रोडवेज प्रशासन के दावे तार-तार नजर आये। मालूम हो कि जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज बस अड्डे से मौजूदा समय में 65 बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर हो रहा है। जबकि त्योहार से पूर्व रोडवेज प्रशासन ने लोगों की वापसी पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने का दावा किया था। लेकिन रविवार को बसें नदारद दिखीं। जो भी बस आतीं, उस पर सवार होने के लिए यात्री दौड़ पड़ते। जिससे अफरा तफरी की स्थिति रही। सुबह 11 बजे के बाद से अचानक बढ़ी यात्रियों की संख्या से रोडवेज प्रशासन हांफता नजर आया। रोडवेज बस अड्डे पर बसों की किल्लत से प्राइवेट वाहन संचालकों की खूब चांदी रही। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए मनमाने किराये वसूले। इस मामले में एआरएम अवधेश कुमार पाल ने बताया कि दीपावली के त्योहार के बाद यात्रियों की वापसी में अचानक वृद्वि हो गई। जबकि बसों की पर्याप्त व्यवस्था थी। लेकिन रास्ता खराब होने के चलते बसों की वापसी में देर लग जाती थी। इसलिए दोपहर में बसों की कमी हो गई थी। शाम से बसें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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