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चार घर कटे, 210 बीघा खेत नदी में समाहित
Bahraich
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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जरवलरोड (बहराइच)। गड़रियनपुरवा गांव को घाघरा नदी लीलने को बेताब दिख रही है। तेज कटान के बीच शुक्रवार को चार ग्रामीणों के मकान और 210 बीघा खेत नदी में समाहित हो गए। नीम का एक पूजित पेड़ भी कट गया। तहसीलदार ने गांव का मुआयना किया लेकिन अभी तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण आशियाने उजाड़कर पलायन करने को मजबूर हैं।
शुक्रवार को गांव निवासी रजकला, गणेश प्रसाद, गोकरन और रामनरायन के मकानों को घाघरा की लहरों ने लील लिया है। रात में एक बजे के आसपास नदी ने कटान करते हुए पूजित पुराना नीम के पेड़ को जब अपने आगोश में लिया तो उसकी आवाज सुनकर सो रहे ग्रामीणों की नींद खुल गई। रात में ही कटान तेज होने की सूचना तहसील को दी गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे लेाग गृहस्थी समेटकर पलायन करने लगे। शुक्रवार सुबह सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव व जिला पंचायत सदस्य अवधेश कुमार वर्मा गांव पहुंचे। उन्हाेंने कटान स्थल से ही कमिश्नर व जिलाधिकारी से मोबाइल पर संपर्क साधकर उन्हें कटान की भयावह स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए। आधे घंटे में ही तहसीलदार नागेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ खंड गोंडा के अधिकारियों से वार्ता कर बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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शुक्रवार को गांव निवासी रजकला, गणेश प्रसाद, गोकरन और रामनरायन के मकानों को घाघरा की लहरों ने लील लिया है। रात में एक बजे के आसपास नदी ने कटान करते हुए पूजित पुराना नीम के पेड़ को जब अपने आगोश में लिया तो उसकी आवाज सुनकर सो रहे ग्रामीणों की नींद खुल गई। रात में ही कटान तेज होने की सूचना तहसील को दी गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे लेाग गृहस्थी समेटकर पलायन करने लगे। शुक्रवार सुबह सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव व जिला पंचायत सदस्य अवधेश कुमार वर्मा गांव पहुंचे। उन्हाेंने कटान स्थल से ही कमिश्नर व जिलाधिकारी से मोबाइल पर संपर्क साधकर उन्हें कटान की भयावह स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए। आधे घंटे में ही तहसीलदार नागेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ खंड गोंडा के अधिकारियों से वार्ता कर बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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