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हुदहुद ने मचाई तबाही
Bahraich
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:31 AM IST
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बहराइच। हुदहुद ने पूरे जिले में तबाही मचा रखी है। चक्रवाती तूफान ने मंगलवार को जमकर कहर बरपाया। 90 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी में जगह-जगह पेड़ धराशायी हो गए। 13 घरों के छप्पर उड़ गए, जबकि आठ कच्चे मकानों की दीवारें ढह गईं। तूफान में तीन लोग जख्मी भी हुए हैं। विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने से सोमवार रात से पूरे बहराइच की बिजली गुल हो गई, जो मंगलवार देर रात तक नहीं बहाल हो सकी। इस कारण लोग पेयजल के लिए भी तरस गए। पेड़ गिरने से यातायात और संचार सेवाएं भी प्रभावित हैं। हवा और बारिश से तापमान में भारी गिरावट आ गई है, जिससे सिहरन का एहसास लोगों को हुआ। कुछ जगहों पर ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव जलाए तो कहीं लोग चादरों और कंबलों में सिमटे रहे। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
चक्रवाती तूफान हुदहुद ने सोमवार को तराई में दस्तक दी थी। सुबह बूंदाबांदी शुरू हुई जो मंगलवार रात तक जारी रही। आंधी और मूसलाधार बारिश तबाही का सबब बनी है। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग ने अब तक 80 मिलीमीटर (8 सेंमी) वर्षा रिकॉर्ड की है, जबकि हवा की अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंकी गई। मंगलवार को आंधी से कलेक्ट्रेट, छावनी-चांदपुरा मार्ग, मेवातीपुरा, बरहियापुरा, सिविल लाइन, जेल रोड, शिवनगर, बख्शीपुरा, दरगाह इलाकों में कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए हैं। पयागपुर में पैंतोरामोड़ के पास 11 हजार वोल्ट की एचटी लाइन पर पेड़ गिरने से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं जरवलरोड में लखनऊ-बहराइच मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। कैसरगंज, जरवल कस्बा और फखरपुर में भी मार्ग के किनारे पेड़ गिरने से आवागमन पर असर पड़ा है। नानपारा-लखीमपुर व मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग पर जगह-जगह पेड़ और पेड़ की डाल टूटकर गिरने से बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। मिहींपुरवा में गुलालपुरवा के पास विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया। उधर, गोंडा-बहराइच, महसी और भिनगा मार्ग पर भी पेड़ धराशायी हुए हैं। महसी में तटबंध पर शरण लिए हुए बौंडी निवासी सुबेदार, शमशुद्दीन, जमालुद्दीन, ननके, बहादुर, बड़कऊ समेत 13 ग्रामीणों के मकानों के छप्पर उड़ गए हैं।
बौंडी में सुरेश कुमार के मकान की दीवार ढह गई। इसी क्षेत्र में जमुना प्रसाद के मकान की कच्ची दीवार ढहने से जमुना, उनके पुत्र सुंदर और बेटी कुुसुम जख्मी हो गए। कैसरगंज, हुजूरपुर और नवाबगंज क्षेत्र में भी मकान की कच्ची दीवारें ढही हैं। वहीं, शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा में शमीम अहमद के घर का टिन शेड अंधड़ में उड़ गया, जिससे पूरी संपत्ति तहस-नहस हो गई है। संयोग से मकान में मौजूद लोगों को चोटें नहीं आई हैं। रिसिया कस्बे में उर्वरक व्यवसायी संजय के आंगन में लगा नीम का पेड़ ढह गया, जिससे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हुई है। यहां भी लोग बाल-बाल बचे।
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चक्रवाती तूफान हुदहुद ने सोमवार को तराई में दस्तक दी थी। सुबह बूंदाबांदी शुरू हुई जो मंगलवार रात तक जारी रही। आंधी और मूसलाधार बारिश तबाही का सबब बनी है। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग ने अब तक 80 मिलीमीटर (8 सेंमी) वर्षा रिकॉर्ड की है, जबकि हवा की अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंकी गई। मंगलवार को आंधी से कलेक्ट्रेट, छावनी-चांदपुरा मार्ग, मेवातीपुरा, बरहियापुरा, सिविल लाइन, जेल रोड, शिवनगर, बख्शीपुरा, दरगाह इलाकों में कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए हैं। पयागपुर में पैंतोरामोड़ के पास 11 हजार वोल्ट की एचटी लाइन पर पेड़ गिरने से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं जरवलरोड में लखनऊ-बहराइच मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। कैसरगंज, जरवल कस्बा और फखरपुर में भी मार्ग के किनारे पेड़ गिरने से आवागमन पर असर पड़ा है। नानपारा-लखीमपुर व मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग पर जगह-जगह पेड़ और पेड़ की डाल टूटकर गिरने से बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। मिहींपुरवा में गुलालपुरवा के पास विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया। उधर, गोंडा-बहराइच, महसी और भिनगा मार्ग पर भी पेड़ धराशायी हुए हैं। महसी में तटबंध पर शरण लिए हुए बौंडी निवासी सुबेदार, शमशुद्दीन, जमालुद्दीन, ननके, बहादुर, बड़कऊ समेत 13 ग्रामीणों के मकानों के छप्पर उड़ गए हैं।
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बौंडी में सुरेश कुमार के मकान की दीवार ढह गई। इसी क्षेत्र में जमुना प्रसाद के मकान की कच्ची दीवार ढहने से जमुना, उनके पुत्र सुंदर और बेटी कुुसुम जख्मी हो गए। कैसरगंज, हुजूरपुर और नवाबगंज क्षेत्र में भी मकान की कच्ची दीवारें ढही हैं। वहीं, शहर के मोहल्ला ब्राह्मणीपुरा में शमीम अहमद के घर का टिन शेड अंधड़ में उड़ गया, जिससे पूरी संपत्ति तहस-नहस हो गई है। संयोग से मकान में मौजूद लोगों को चोटें नहीं आई हैं। रिसिया कस्बे में उर्वरक व्यवसायी संजय के आंगन में लगा नीम का पेड़ ढह गया, जिससे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हुई है। यहां भी लोग बाल-बाल बचे।
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