{"_id":"131-78849","slug":"Bahraich-78849-131","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाजी के दर पर धूमधाम से आई बारातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजी के दर पर धूमधाम से आई बारातें
Bahraich
Updated Mon, 19 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजी के दर पर धूमधाम से आई बारातें
लाखों लोगों ने चादरपोशी कर चढ़ाए निशान और पलंग-पीढ़ी, मांगी अमन-चैन की दुआ
अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। मुख्य मेले के अवसर पर करीब 12 लाख जायरीन ने गाजी के दर पर हाजिरी लगाई। ईशा की नमाज के बाद मुख्य मजार पर दुआ मांगी गई। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ बारातों के आने का शुरू हुआ सिलसिला पूरी रात चला। पलंग-पीढ़ी लेकर अकीदतमंदों ने गाजी की शान में कसीदे पढ़े। दरगाह शरीफ पर निशान और चादर चढ़ाकर दुआ मांगी। देर रात तक 500 से अधिक बारातों ने हाजिरी लगाई। इस दौरान हुई आतिशबाजी ने आकर्षण चुराया।
दरगाह शरीफ स्थित मुख्य मजार पर खुद्दामों ने रविवार देर शाम गुलाबजल, चंदन, केवड़े के साथ 101 घड़ों से मजार को स्नान कराया। मजार शरीफ को फूलों से दूल्हे की तरह सजाया गया। सेहरा भी रखा गया। दरगाह प्रबंध समिति व प्रशासनिक अमले ने मजार शरीफ पर पहली चादर चढ़ाई। देर रात मजार शरीफ का मुख्य नाल दरवाजा बारातों के आगमन के लिए खोल दिया गया। बाराती जंजीरी गेट चूमते हुए दरगाह शरीफ में प्रवेश हुए। नाचते-गाते बाराती आस्था और श्रद्धा से लबरेज रहे। देर शाम जियारत का शुरू हुआ सिलसिला पूरी रात जारी रहा। मजार पर माथा टेकने के लिए चारों ओर आस्था का सैलाब दिखा। अकीदतमंद पलंग-पीढ़ी, गागर-चादर के साथ गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए चल रहे थे। हजारों की संख्या में निशान भी चढ़ाए गए।
दरगाह प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि बारातों के आने का सिलसिला सुबह तक जारी रहेगा। नेपाल, आंध्र-प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य-प्रदेश, बिहार, उत्तरांचल, बंगाल, अहमदाबाद व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 500 से अधिक बारातें आईं हैं। जौनपुर से घोड़े पर बारात लाई गई, जबकि मुंबई से किन्नरों की तीन बारातें आईं। जायरीन अपनी बारात के साथ जो दहेज का सामान पलंग-पीढ़ी, फल-फूल, मेवा, गहने व कपड़े लाए थे उसे जोहरा बीबी की मजार के पास चढ़ाया गया। बारात की अगुवाई के लिए नाल दरवाजे पर दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सदस्य, प्रशासनिक अधिकारियों व नगर के संभ्रांत लोग पूरी रात मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लाखों लोगों ने चादरपोशी कर चढ़ाए निशान और पलंग-पीढ़ी, मांगी अमन-चैन की दुआ
अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। मुख्य मेले के अवसर पर करीब 12 लाख जायरीन ने गाजी के दर पर हाजिरी लगाई। ईशा की नमाज के बाद मुख्य मजार पर दुआ मांगी गई। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ बारातों के आने का शुरू हुआ सिलसिला पूरी रात चला। पलंग-पीढ़ी लेकर अकीदतमंदों ने गाजी की शान में कसीदे पढ़े। दरगाह शरीफ पर निशान और चादर चढ़ाकर दुआ मांगी। देर रात तक 500 से अधिक बारातों ने हाजिरी लगाई। इस दौरान हुई आतिशबाजी ने आकर्षण चुराया।
दरगाह शरीफ स्थित मुख्य मजार पर खुद्दामों ने रविवार देर शाम गुलाबजल, चंदन, केवड़े के साथ 101 घड़ों से मजार को स्नान कराया। मजार शरीफ को फूलों से दूल्हे की तरह सजाया गया। सेहरा भी रखा गया। दरगाह प्रबंध समिति व प्रशासनिक अमले ने मजार शरीफ पर पहली चादर चढ़ाई। देर रात मजार शरीफ का मुख्य नाल दरवाजा बारातों के आगमन के लिए खोल दिया गया। बाराती जंजीरी गेट चूमते हुए दरगाह शरीफ में प्रवेश हुए। नाचते-गाते बाराती आस्था और श्रद्धा से लबरेज रहे। देर शाम जियारत का शुरू हुआ सिलसिला पूरी रात जारी रहा। मजार पर माथा टेकने के लिए चारों ओर आस्था का सैलाब दिखा। अकीदतमंद पलंग-पीढ़ी, गागर-चादर के साथ गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए चल रहे थे। हजारों की संख्या में निशान भी चढ़ाए गए।
विज्ञापन
दरगाह प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि बारातों के आने का सिलसिला सुबह तक जारी रहेगा। नेपाल, आंध्र-प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य-प्रदेश, बिहार, उत्तरांचल, बंगाल, अहमदाबाद व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 500 से अधिक बारातें आईं हैं। जौनपुर से घोड़े पर बारात लाई गई, जबकि मुंबई से किन्नरों की तीन बारातें आईं। जायरीन अपनी बारात के साथ जो दहेज का सामान पलंग-पीढ़ी, फल-फूल, मेवा, गहने व कपड़े लाए थे उसे जोहरा बीबी की मजार के पास चढ़ाया गया। बारात की अगुवाई के लिए नाल दरवाजे पर दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सदस्य, प्रशासनिक अधिकारियों व नगर के संभ्रांत लोग पूरी रात मौजूद रहे।
विज्ञापन