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डेंगू से युवक की मौत, तीन भर्ती
Bahraich
Updated Sun, 13 Oct 2013 05:38 AM IST
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बहराइच। तराई में मच्छरजनित रोग डेंगू का प्रकोप जानलेवा बना हुआ है। शनिवार को निजी अस्पताल से केजीएमयू लखनऊ रेफर एक युवक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। युवक डेंगू से पीड़ित था। डेंगू से दम तोड़ने वालों की संख्या छह पहुंच चुकी है। तराई वासियों में डेंगू को लेकर दहशत है। शनिवार को डेंगू से पीड़ित और तीन रोगी भर्ती हुए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक रोगियों की हालत नाजुक बनी है।
डेंगू का डंक तराई वासियों की सेहत नासाज किए हुए है। नवाबगंज थाना अंतर्गत नवाबगंज बाजार निवासी परमात्मा प्रसाद (38) डेंगू से पीड़ित था। उसका इलाज शहर के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था। ब्लड टेस्ट में प्लेटलेट्स 25 हजार के आसपास थीं।् इस पर परमात्मा को शनिवार सुबह केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया लेकिन परमात्मा ने लखनऊ जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। परिवारीजन शव लेकर वापस लौट गए। उधर, शनिवार को जिला अस्पताल में डेंगू से पीड़ित और तीन रोगी भर्ती कराए गए हैं। इनमें कोतवाली देहात अंतर्गत बंजारीमोड़ निवासी देवांश (15) एवं कैसरगंज थाना अंतर्गत हिसामपुर गांव निवासी चांद अली (27) एवं दरगाह थाना अंतर्गत सलारगंज निवासी इम्तियाज (20) शामिल हैं। रक्त परीक्षण में डेंगू की पुष्टि हुई है।
बहराइच। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बुखार से पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई। संक्रामक रोगों से पीड़ित 32 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें चार रोगियों की हालत नाजुक बनी हुई है। बुखार पीड़ित एक बच्चे को केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया है। पयागपुर थाना अंतर्गत पयागपुर बाजार निवासी रवि (5) बुखार से पीड़ित था। शुक्रवार को उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज शुरू होने के कुछ देर बाद ही रवि ने दम तोड़ दिया। शनिवार को बुखार व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 32 और रोगी भर्ती किए गए हैं। इसी तरह बुखार से पीड़ित नगर कोतवाली अंतर्गत मोहलीपुरा निवासी लवकुश (5) को जिला अस्पताल से केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया हैै।
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बालिका की जान गई
महसी (बहराइच)। महसी विकासखंड के बिसवां गांव निवासी कैलाश प्रसाद की तीन वर्षीय पुत्री सुप्रिया को शनिवार सुबह बुखार की शिकायत हुई। गांव के चिकित्सक को दिखाकर कैलाश ने बेटी को दवा दे दी। उस समय बुखार उतर गया लेकिन दोपहर बाद दोबारा बुखार आ गया। हालत बिगड़ते देखकर कैलाश उसे जिला अस्पताल ला रहा था, तभी सुप्रिया ने दम तोड़ दिया। वरिष्ठ फिजीशियन आरबी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बुखार के साथ ऐंठन व झटके की शिकायत थी, तो हो सकता है कि बालिका दिमागी बुखार की चपेट में थी।
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डेंगू का डंक तराई वासियों की सेहत नासाज किए हुए है। नवाबगंज थाना अंतर्गत नवाबगंज बाजार निवासी परमात्मा प्रसाद (38) डेंगू से पीड़ित था। उसका इलाज शहर के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था। ब्लड टेस्ट में प्लेटलेट्स 25 हजार के आसपास थीं।् इस पर परमात्मा को शनिवार सुबह केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया लेकिन परमात्मा ने लखनऊ जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। परिवारीजन शव लेकर वापस लौट गए। उधर, शनिवार को जिला अस्पताल में डेंगू से पीड़ित और तीन रोगी भर्ती कराए गए हैं। इनमें कोतवाली देहात अंतर्गत बंजारीमोड़ निवासी देवांश (15) एवं कैसरगंज थाना अंतर्गत हिसामपुर गांव निवासी चांद अली (27) एवं दरगाह थाना अंतर्गत सलारगंज निवासी इम्तियाज (20) शामिल हैं। रक्त परीक्षण में डेंगू की पुष्टि हुई है।
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बहराइच। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बुखार से पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई। संक्रामक रोगों से पीड़ित 32 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें चार रोगियों की हालत नाजुक बनी हुई है। बुखार पीड़ित एक बच्चे को केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया है। पयागपुर थाना अंतर्गत पयागपुर बाजार निवासी रवि (5) बुखार से पीड़ित था। शुक्रवार को उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज शुरू होने के कुछ देर बाद ही रवि ने दम तोड़ दिया। शनिवार को बुखार व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 32 और रोगी भर्ती किए गए हैं। इसी तरह बुखार से पीड़ित नगर कोतवाली अंतर्गत मोहलीपुरा निवासी लवकुश (5) को जिला अस्पताल से केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया हैै।
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बालिका की जान गई
महसी (बहराइच)। महसी विकासखंड के बिसवां गांव निवासी कैलाश प्रसाद की तीन वर्षीय पुत्री सुप्रिया को शनिवार सुबह बुखार की शिकायत हुई। गांव के चिकित्सक को दिखाकर कैलाश ने बेटी को दवा दे दी। उस समय बुखार उतर गया लेकिन दोपहर बाद दोबारा बुखार आ गया। हालत बिगड़ते देखकर कैलाश उसे जिला अस्पताल ला रहा था, तभी सुप्रिया ने दम तोड़ दिया। वरिष्ठ फिजीशियन आरबी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बुखार के साथ ऐंठन व झटके की शिकायत थी, तो हो सकता है कि बालिका दिमागी बुखार की चपेट में थी।