फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   गांवों में डॉक्टर असुरक्षित, कैसे रुकेंः सीएमओ

गांवों में डॉक्टर असुरक्षित, कैसे रुकेंः सीएमओ

Fri, 11 Oct 2013 05:38 AM IST
Bahraich
Bahraich Updated Fri, 11 Oct 2013 05:38 AM IST
विज्ञापन
नानपारा (बहराइच)। ग्रामीण अंचलों में महिला डॉक्टरों की सुरक्षा के इंतजाम सरकार नहीं कर रही है। अन्य चिकित्सक भी असुरक्षित हैं, जिसके चलते डॉक्टर गांवों में नहीं रुकना चाहते हैं। पैथोलॉजी और क्लीनिकों के के निरीक्षण के लिए गुरुवार दोपहर नानपारा पहुंचे सीएमओ ने ये बातें कहीं। व्यवस्था के प्रति लाचार दिखे सीएमओ सीएमओ ने कहा कि 174 के सापेक्ष 64 डॉक्टर ही मौजूद हैं, ऐसे में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर कैसे हो? आखिर व्यवस्था कैसे करें?
विज्ञापन

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत वर्मा गुरुवार दोपहर नानपारा नगर में पहुंचे। उन्होंने नानपारा के आधुनिक व उन्नति पैथाेलॉजी का निरीक्षण किया। संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए फिर सीएचसी पहुंचकर व्यवस्थाएं जांची। गंदगी और अव्यवस्था के बावजूद सीएमओ को सब कुछ ठीक ठाक लगा। भनक लगते ही पत्रकार मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण अंचलों के स्वास्थ्य केंद्रों पर तालाबंदी के बाबत सवाल पूछने पर सीएमओ ने कहा कि 174 डॉक्टरों के पद जिले में स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ 64 की तैनाती है। ऐसे में कहां तैनाती करें कहां न करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों को सरकार सुरक्षा मुहैया नहीं करा रही है। डॉक्टर असुरक्षित हैं, रुकना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि एसपी से सुरक्षा की मांग की जाती है तो वह दरोगा पर जिम्मेदारी छोड़ देते हैं और दरोगा सुनते नहीं हैं। सीएमओ ने कहा कि जैसा चल रहा है, वैसा ही चलेगा।
विज्ञापन

तड़पती रही महिला और सीएमओ करते रहे मीटिंग
नानपारा (बहराइच)। वह ठेलिया पर पड़ी दर्द से कराहती रही। तेज बुखार के कारण कांप रही थी। दो घंटे तक कोई भी डॉक्टर न ही चिकित्साकर्मी उसे देखने आया। सभी सीएमओ के साथ मीटिंग में व्यस्त थे। ये स्थिति गुरुवार दोपहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा में देखने को मिली। कोतवाली नानपारा अंतर्गत नरकोटिया गांव निवासी अनवरी (52) पत्नी मोहम्मद अयूब कई दिनाें से पेट दर्द और बुखार से पीड़ित है। गुरुवार को पति मोहम्मद अयूब पत्नी को ठेलिया पर 1:15 बजे के आसपास सीएचसी पहुंचा। यहां उसने डॉक्टर को दिखाने की कोशिश की लेकिन पता चला कि सभी चिकित्सक सीएमओ के साथ बैठक कर रहे हैं। बैठक तीन बजे तक चली, जिसके चलते दो घंटे तक महिला ठेलिया पर पेट दर्द से कराहती रही। इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत से बात की गई तो पहले वह चुप रहे। फिर बोले, जो चाहे लिख दीजिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed