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दो कोटेदारों पर केस, एक निलंबित
Bahraich
Updated Thu, 14 Mar 2013 05:30 AM IST
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बहराइच। राशन वितरण में अनियमितता बरते जाने पर फखरपुर और मिहींपुरवा के दो कोटेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि नवाबगंज में एक कोटेदार को निलंबित कर दिया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर की गई जांच में आरोप सही मिलने पर दोषी कोटेदारों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लगातार धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रहीं हैं। फखरपुर के होलपारा और मिहींपुरवा के निधिपुरवा में ग्रामीणों ने वितरण प्रणाली में अनियमितता बरते जाने पर कोटेदार की शिकायत की थी। एसडीएम की ओर से मामले की जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। जिला पूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर बुधवार को होलपारा की कोटेदार सुशीला और निधिपुरवा की कोटेदार माधुरी को तत्काल बर्खास्त कर खाद्यान्न की कालाबाजारी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि विकासखंड नवाबगंज के ग्राम नौबस्ता जमुनिया के कोटेदार इसहाक खान की दुकान पर भी जांच के दौरान काफी अनियमितता पाई गईं हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जमुनिया का कोटा निलंबित कर दिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी अहिरवार ने बताया कि आधा दर्जन अन्य कोटेदारों की जांच की जा रही है। अनियमितता पर अंकुश के लिए पूर्ति निरीक्षकों की टीम तैयार कर दी गई है। सभी को औचक निरीक्षण के आदेश भी दिए गए हैं।
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लगातार धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रहीं हैं। फखरपुर के होलपारा और मिहींपुरवा के निधिपुरवा में ग्रामीणों ने वितरण प्रणाली में अनियमितता बरते जाने पर कोटेदार की शिकायत की थी। एसडीएम की ओर से मामले की जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। जिला पूर्ति अधिकारी वीआर अहिरवार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर बुधवार को होलपारा की कोटेदार सुशीला और निधिपुरवा की कोटेदार माधुरी को तत्काल बर्खास्त कर खाद्यान्न की कालाबाजारी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि विकासखंड नवाबगंज के ग्राम नौबस्ता जमुनिया के कोटेदार इसहाक खान की दुकान पर भी जांच के दौरान काफी अनियमितता पाई गईं हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जमुनिया का कोटा निलंबित कर दिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी अहिरवार ने बताया कि आधा दर्जन अन्य कोटेदारों की जांच की जा रही है। अनियमितता पर अंकुश के लिए पूर्ति निरीक्षकों की टीम तैयार कर दी गई है। सभी को औचक निरीक्षण के आदेश भी दिए गए हैं।
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