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ग्लोबल टेंडर पर भड़के ठेकेदार
Bahraich
Updated Wed, 13 Mar 2013 05:30 AM IST
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बहराइच। ग्लोबल टेंडर के जरिए, सरयू/राप्ती परियोजना का ठेका दिए जाने पर सिंचाई विभाग के ठेकेदार भड़क उठे। ग्लोबल टेंडर के विरोध को समर्थन देते हुए सिंचाई विभाग के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। सभी ने मंगलवार को कार्यालयों में तालाबंदी कर विरोध किया।
सिंचाई ठेकेदार समिति का कहना है कि श्रावस्ती जनपद से खलीलाबाद तक स्वीकृत की गई सरयू/राप्ती परियोजना का ग्लोबल टेंडर निकाल दिया गया जो गलत है। सिंचाई विभाग ने जिस कंपनी को टेंडर दिया है वह महाराष्ट्र में हुए सिंचाई घोटाले में शामिल रही है।
ठेकेदारों के आंदोलन को कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है जिसके चलते कार्यालयों में मंगलवार को तालाबंदी रही। ठेकेदारों ने सरयू नहर खंड तीन के सामने धरना देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्लोबल टेंडर निरस्त किए जाने की मांग की है। ठेकेदारों ने 14 मार्च तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान नुसरत इकबाल, दिनेश्वर सिंह, मंगल सिंह, पीके सिंह, मोहम्मद अब्दुल्ला, जितेंद्र पांडेय, संतराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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टेंडर में पारदर्शिता बरती
प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई विभागकम, एक के ओझा का कहना है कि समय में गुणवत्ता पूर्ण काम कराने के उद्देश्य से ग्लोबल टेंडर की व्यवस्था की गई है। सरयू परियोजना में पूरी पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के तहत टेंडर मांगे गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों के हित को ध्यान मेें रखते हुए कम से कम समय में सालों से लंबित परियोजनाओं को पूरा करना है।
इन जिलों में बनेगी नहर
श्रावस्ती जनपद के राप्ती बैराज से बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती से होते हुए खलीलाबाद तक।
क्या है ग्लोबल टेंडर
नहर परियोजना के वरिष्ठ ठेकेदार पीके सिंह ने बताया कि ग्लोबल टेंडर एकमुश्त निविदा आमंत्रण होता है। इसके तहत सिर्फ एक कंपनी को ही पूरी परियोजना का कार्य सौंप दिया जाता है। वहीं, प्रतिस्पर्धात्मक टेंडर में सभी ठेकेदारों को प्रतिस्पर्धा के अनुसार परियोजना का कार्य मिलता है, जिससे विभाग व सरकार के राजस्व में इजाफा होता है।
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सिंचाई ठेकेदार समिति का कहना है कि श्रावस्ती जनपद से खलीलाबाद तक स्वीकृत की गई सरयू/राप्ती परियोजना का ग्लोबल टेंडर निकाल दिया गया जो गलत है। सिंचाई विभाग ने जिस कंपनी को टेंडर दिया है वह महाराष्ट्र में हुए सिंचाई घोटाले में शामिल रही है।
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ठेकेदारों के आंदोलन को कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है जिसके चलते कार्यालयों में मंगलवार को तालाबंदी रही। ठेकेदारों ने सरयू नहर खंड तीन के सामने धरना देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्लोबल टेंडर निरस्त किए जाने की मांग की है। ठेकेदारों ने 14 मार्च तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान नुसरत इकबाल, दिनेश्वर सिंह, मंगल सिंह, पीके सिंह, मोहम्मद अब्दुल्ला, जितेंद्र पांडेय, संतराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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टेंडर में पारदर्शिता बरती
प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई विभागकम, एक के ओझा का कहना है कि समय में गुणवत्ता पूर्ण काम कराने के उद्देश्य से ग्लोबल टेंडर की व्यवस्था की गई है। सरयू परियोजना में पूरी पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के तहत टेंडर मांगे गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों के हित को ध्यान मेें रखते हुए कम से कम समय में सालों से लंबित परियोजनाओं को पूरा करना है।
इन जिलों में बनेगी नहर
श्रावस्ती जनपद के राप्ती बैराज से बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती से होते हुए खलीलाबाद तक।
क्या है ग्लोबल टेंडर
नहर परियोजना के वरिष्ठ ठेकेदार पीके सिंह ने बताया कि ग्लोबल टेंडर एकमुश्त निविदा आमंत्रण होता है। इसके तहत सिर्फ एक कंपनी को ही पूरी परियोजना का कार्य सौंप दिया जाता है। वहीं, प्रतिस्पर्धात्मक टेंडर में सभी ठेकेदारों को प्रतिस्पर्धा के अनुसार परियोजना का कार्य मिलता है, जिससे विभाग व सरकार के राजस्व में इजाफा होता है।