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साहब, तबीयत बहुत खराब है, एंबुलेंस भेज दीजिए
Bahraich
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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बहराइच। साहब, तबियत बहुत खराब है। एंबुलेंस भेज दीजिए। मौके पर एंबुलेंस पहुंची तो पता चलता है कि फोन करने वाले को तो सिर्फ सदी और जुकाम है। यह कोई एक वाक्या नहीं, ऐसे ही लगभग 50 फीसदी लोगों ने स्वास्थ्य सेवा की 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस सेवा का दुरुपयोग किया है। वह आपातकाल के लिए शुरू की गई इस सेवा को परख रहे थे।
समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के नाम से प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दीपावली पर्व पर जिले को एंबुलेंस की सौगात दी। इसके तहत बहराइच जनपद को यहां की आबादी के हिसाब से 16 एंबुलेंस मिली हैं। बहराइच मुख्यालय पहुंचने पर एंबुलेंस को जिला अस्पताल सहित सभी 14 विकासखंडों में आवंटित कर दिया गया है। एंबुलेंस आवंटन का मुख्य उद्देश्य घटना-दुर्घटना के समय गंभीर रोगियों को तत्काल स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना है। इसके लिए 108 नंबर निर्धारित किया गया है, जिसे डायल करने पर एंबुलेंस यथाशीघ्र मौके पर पहुंचती है। सभी एंबुलेंस के चालकों को निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि आकस्मिक हालात में फोन आते ही घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, जिससे उसकी जान बच सके। 13 नवंबर को एंबुलेंस का आवंटन हुआ है। उसी दिन से सेवा संचालित हो गई है। सात दिन हो गए हैं। इस बीच 112 कॉल एलॉटेड नंबर 108 पर आई है। इसमें 50 फीसदी कॉल ऐसी हैं, जिसके द्वारा लोगों ने सिर्फ ट्रायल लिया है। घटना दुर्घटना की बात कहकर लोगों ने एंबुलेंस बुलवाई, बाद में चालकों को पता चला कि कोई दुर्घटना हुई ही नहीं है। सेवा को परखा जा रहा है।
केस-1
रिसिया के सुभाषनगर से मदन ने आपातकाल सेवा के लिए फोन किया। पांच मिनट भी नहीं बीते होंगे कि एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। मामला आपसी विवाद का था, जिसमें एक या दो को मामूली चोटें आई थीं। थोड़ी देर बाद घायल को ठीक बताकर एंबुलेंस बैरंग वापस कर दिया गया।
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केस-2
कैसरगंज में निसार का नाम बताकर किसी ने फोन किया। सूचना पाकर एंबुलेंस स्पॉट पर पहुंच गई। एंबुलेंस मरीज को अस्पताल ले आई। मरीज को देखकर अस्पताल में डॉक्टर व वार्ड बॉय सभी एलर्ट हो गए। बाद में पता चला कि उसे निमोनिया हुआ है।
आपातकाल में ही एंबुलेंस को कॉल करें
इमरजेंसी मैनेजमेंट एक्जीक्यूटिव अनिल कुमार बताते हैं कि लोगों को चाहिए कि इस महत्वपूर्ण सेवा का दुरुपयोग न करें। इमरजेंसी को समझें ताकि किसी जरूरतमंद को लाभ मिल सके।
नहीं जाएगी जिले से बाहर
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके टंडन कहते हैं कि समाजवादी स्वास्थ्य सेवा डायल 108 एंबुलेंस की सीमा जिले के भीतर ही है। सूचना मिलने पर वह नजदीकी अस्पताल तक घायल को पहुंचाएगी। गैर जनपदीय रेफर होने पर मुख्यालय की एंबुलेंस भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ नासमझ लोग सेवा का दुरुपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल एंबुलेंस चालक बल्कि स्वास्थ्यकर्मी भी मुश्किल में हैं। इस मामले में लोगों को सजग होना होगा, जिससे सेवा प्रभावित न हो।
कब-कब करें कॉल
रोड एक्सीडेंट
सर्पदंश
जहरखुरानी
तेज बुखार, अचानक बेहोशी
प्रसव पीड़ा
हार्ट अटैक
विद्युत स्पर्शाघात
अग्निकांड
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समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के नाम से प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दीपावली पर्व पर जिले को एंबुलेंस की सौगात दी। इसके तहत बहराइच जनपद को यहां की आबादी के हिसाब से 16 एंबुलेंस मिली हैं। बहराइच मुख्यालय पहुंचने पर एंबुलेंस को जिला अस्पताल सहित सभी 14 विकासखंडों में आवंटित कर दिया गया है। एंबुलेंस आवंटन का मुख्य उद्देश्य घटना-दुर्घटना के समय गंभीर रोगियों को तत्काल स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना है। इसके लिए 108 नंबर निर्धारित किया गया है, जिसे डायल करने पर एंबुलेंस यथाशीघ्र मौके पर पहुंचती है। सभी एंबुलेंस के चालकों को निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि आकस्मिक हालात में फोन आते ही घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, जिससे उसकी जान बच सके। 13 नवंबर को एंबुलेंस का आवंटन हुआ है। उसी दिन से सेवा संचालित हो गई है। सात दिन हो गए हैं। इस बीच 112 कॉल एलॉटेड नंबर 108 पर आई है। इसमें 50 फीसदी कॉल ऐसी हैं, जिसके द्वारा लोगों ने सिर्फ ट्रायल लिया है। घटना दुर्घटना की बात कहकर लोगों ने एंबुलेंस बुलवाई, बाद में चालकों को पता चला कि कोई दुर्घटना हुई ही नहीं है। सेवा को परखा जा रहा है।
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केस-1
रिसिया के सुभाषनगर से मदन ने आपातकाल सेवा के लिए फोन किया। पांच मिनट भी नहीं बीते होंगे कि एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। मामला आपसी विवाद का था, जिसमें एक या दो को मामूली चोटें आई थीं। थोड़ी देर बाद घायल को ठीक बताकर एंबुलेंस बैरंग वापस कर दिया गया।
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केस-2
कैसरगंज में निसार का नाम बताकर किसी ने फोन किया। सूचना पाकर एंबुलेंस स्पॉट पर पहुंच गई। एंबुलेंस मरीज को अस्पताल ले आई। मरीज को देखकर अस्पताल में डॉक्टर व वार्ड बॉय सभी एलर्ट हो गए। बाद में पता चला कि उसे निमोनिया हुआ है।
आपातकाल में ही एंबुलेंस को कॉल करें
इमरजेंसी मैनेजमेंट एक्जीक्यूटिव अनिल कुमार बताते हैं कि लोगों को चाहिए कि इस महत्वपूर्ण सेवा का दुरुपयोग न करें। इमरजेंसी को समझें ताकि किसी जरूरतमंद को लाभ मिल सके।
नहीं जाएगी जिले से बाहर
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके टंडन कहते हैं कि समाजवादी स्वास्थ्य सेवा डायल 108 एंबुलेंस की सीमा जिले के भीतर ही है। सूचना मिलने पर वह नजदीकी अस्पताल तक घायल को पहुंचाएगी। गैर जनपदीय रेफर होने पर मुख्यालय की एंबुलेंस भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ नासमझ लोग सेवा का दुरुपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल एंबुलेंस चालक बल्कि स्वास्थ्यकर्मी भी मुश्किल में हैं। इस मामले में लोगों को सजग होना होगा, जिससे सेवा प्रभावित न हो।
कब-कब करें कॉल
रोड एक्सीडेंट
सर्पदंश
जहरखुरानी
तेज बुखार, अचानक बेहोशी
प्रसव पीड़ा
हार्ट अटैक
विद्युत स्पर्शाघात
अग्निकांड