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सोना-चांदी और बर्तनों से सज गया बाजार
Bahraich
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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बहराइच। पंच पर्व दीपावली की शुरुआत आज धनतेरस के साथ शुरू हो गई। बाजार जगमगा रहे हैं। दुकानें दुल्हन की तरह सजी हैं। सराफा व्यवसायियों ने ग्राहकों को खींचने के लिए चांदी के हल्के गहनों की श्रृंखला पेश की है। बर्तनों पर भी सोने और चांदी की कोटिंग की गई है। आज परंपरागत तरीके से भगवान धनवंतरि की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
धनतेरस को लेकर बाजारों की रौनक देखते ही बन रही है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर्व पर सोने-चांदी के जेवरात, बर्तन, वाहन की खरीददारी करने से वर्ष भर घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है। कुबेर की विशेष कृपा होती है। शहर के चौक बाजार, छावनी, घंटाघर, पीपल तिराहा, स्टीलगंज तालाब, छोटी बाजार, सिविल लाइंस क्षेत्रों में दुकानें दुलहन की तरह सजी हैं। सबसे ज्यादा रौनक सराफा और बर्तन की दुकानाें पर है। सराफा व्यवसायी राकेश कुमार का कहना है कि चांदी के सिक्कों और बर्तनों की मांग धनतेरस में अधिक रहती है। पुराने सिक्कों के साथ गणेश-लक्ष्मी के सिक्के भी उपलब्ध हैं। आगरा तथा राजकोट में निर्मित चांदी और सोने के आभूषण व बर्तन की मांग अधिक है। बर्तन व्यवसायी केशव नागर ने बताया कि स्टील, फूल, पीतल और गिलट के बर्तन अलग-अलग रेंज में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बर्तन कानपुर, बनारस और लखनऊ से मंगाए गए हैं। प्रतिवर्ष धनतेरस के मौके पर बनारस और कानपुर के बर्तनों की मांग अधिक रहती है। चम्मच से लेकर बड़े बर्तन विभिन्न मूल्यों में उपलब्ध हैं। व्यवसायी नागर का कहना है कि महंगाई 10 से 15 फीसदी बढ़ी है। इसका असर भी बाजार पर पड़ सकता है।
शाम से लगेगा यम पंचक
जैसौरा पयागपुर के पंडित शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि रविवार को धनतेरस के दिन शाम 6.20 बजे से यम पंचक मुहूर्त शुरू हो रहा है। यह मुहूर्त कलम पूजन तक रहेगा।
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खरीददारी का मुहूर्त
पंडित शिवकुमार ने बताया कि धनतेरस की शुरुआत सुबह 10.20 बजे हो रही है। सुबह 10.20 से शाम 6.19 बजे तक खरीददारी का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद रात आठ बजे से खरीददारी शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मुहूर्त पर खरीददारी से सामान के नुकसान होने का डर नहीं होगा।
ऐसे पाएं लक्ष्मी की कृपा
धनतेरस के मौके पर गोधूलि बेला में घी का दीपक आंगन के बीचोबीच जलाकर रखना होगा। आंगन में दीपक रखने से पूर्व कड़वा तेल का चौमुखी दीपक जलाकर चौराहे पर रखें। जहां दीपक रखना है, वहां पर हल्दी का चौका लगा दें। इससे दरिद्रता का नाश होगा। इसके बाद घर के आंगन में दिया जलाएं।
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धनतेरस को लेकर बाजारों की रौनक देखते ही बन रही है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर्व पर सोने-चांदी के जेवरात, बर्तन, वाहन की खरीददारी करने से वर्ष भर घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है। कुबेर की विशेष कृपा होती है। शहर के चौक बाजार, छावनी, घंटाघर, पीपल तिराहा, स्टीलगंज तालाब, छोटी बाजार, सिविल लाइंस क्षेत्रों में दुकानें दुलहन की तरह सजी हैं। सबसे ज्यादा रौनक सराफा और बर्तन की दुकानाें पर है। सराफा व्यवसायी राकेश कुमार का कहना है कि चांदी के सिक्कों और बर्तनों की मांग धनतेरस में अधिक रहती है। पुराने सिक्कों के साथ गणेश-लक्ष्मी के सिक्के भी उपलब्ध हैं। आगरा तथा राजकोट में निर्मित चांदी और सोने के आभूषण व बर्तन की मांग अधिक है। बर्तन व्यवसायी केशव नागर ने बताया कि स्टील, फूल, पीतल और गिलट के बर्तन अलग-अलग रेंज में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बर्तन कानपुर, बनारस और लखनऊ से मंगाए गए हैं। प्रतिवर्ष धनतेरस के मौके पर बनारस और कानपुर के बर्तनों की मांग अधिक रहती है। चम्मच से लेकर बड़े बर्तन विभिन्न मूल्यों में उपलब्ध हैं। व्यवसायी नागर का कहना है कि महंगाई 10 से 15 फीसदी बढ़ी है। इसका असर भी बाजार पर पड़ सकता है।
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शाम से लगेगा यम पंचक
जैसौरा पयागपुर के पंडित शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि रविवार को धनतेरस के दिन शाम 6.20 बजे से यम पंचक मुहूर्त शुरू हो रहा है। यह मुहूर्त कलम पूजन तक रहेगा।
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खरीददारी का मुहूर्त
पंडित शिवकुमार ने बताया कि धनतेरस की शुरुआत सुबह 10.20 बजे हो रही है। सुबह 10.20 से शाम 6.19 बजे तक खरीददारी का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद रात आठ बजे से खरीददारी शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मुहूर्त पर खरीददारी से सामान के नुकसान होने का डर नहीं होगा।
ऐसे पाएं लक्ष्मी की कृपा
धनतेरस के मौके पर गोधूलि बेला में घी का दीपक आंगन के बीचोबीच जलाकर रखना होगा। आंगन में दीपक रखने से पूर्व कड़वा तेल का चौमुखी दीपक जलाकर चौराहे पर रखें। जहां दीपक रखना है, वहां पर हल्दी का चौका लगा दें। इससे दरिद्रता का नाश होगा। इसके बाद घर के आंगन में दिया जलाएं।