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चांद का दीदार कर निहाल हुई सुहागिनें
Bahraich
Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
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बहराइच। करवाचौथ पर शुक्रवार देर शाम चांद की एक झलक पाने के लिए सुहागिनों में काफी उत्साह रहा। साढ़े सात बजे से चांद के प्रथम दर्शन के लिए सुहागिनें रह-रहकर आकाश को निहारती रहीं। जैसे ही चांद दिखाई पड़ा सुहागिनें निहाल हो गईं। चलनी की ओट से अक्षय सुहाग की कामना करते हुए अर्घ्य देकर पति की लंबी उम्र की कामना की। सुख-समृद्धि का वरदान भी चांद से मांगा। करवाचौथ पर पूरे दिन सुहागिनाें ने निराजल व्रत रहकर परंपरा का निर्वहन किया। ग्रामीण अंचलो में महिलाओं ने दीवार पर करवा बनाकर चौथ पूजन किया। वहीं, शहर व कस्बों में करवाचौथ का कैलेंडर खरीदकर महिलाओं ने पूजा की। शाम साढ़े सात बजते ही आसमान में चांद की एक झलक पाने के लिए सुहागिनें बेकरार हो उठीं। महिलाओं ने भगवान शिव व पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद चलनी की ओट से चांद को निहार कर अक्षय सुहाग की कामना की। रात आठ बजे के आसपास जब आसमान में चौथ का चंाद दिखाई पड़ा, तो सुहागिनों ने चंद्रदेव को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि का वरदान मांगा। इसके बाद सुहागिनों ने पति के साथ ही घर के बड़े बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। फिर जल ग्रहण कर पारण किया।
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