{"_id":"6a737db92b7efdef5e0663a7","slug":"959-crore-will-be-spent-on-sanitation-arrangements-in-villages-bahraich-news-c-98-1-bhr1029-154545-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: गांवों की सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे 9.59 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: गांवों की सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे 9.59 करोड़
विज्ञापन
बहराइच। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। शासन ने इसके लिए 9.59 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत की है। इस धनराशि से 1043 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य होंगे।
जिले से भेजी गई कार्ययोजना के आधार पर यह धनराशि प्रथम चरण में स्वीकृत हुई है। इससे ग्राम पंचायतों में सिल्ट कैचर, फिल्टर चैंबर और सोख्ता गड्ढे बनाए जाएंगे। हैंडपंप सोकपिट, ई-रिक्शा और वर्मी कंपोस्ट यूनिट भी स्थापित होंगी। रिसोर्स रिकवरी सेंटर समेत अन्य स्वच्छता संबंधी कार्य भी कराए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ब्लॉक स्तरीय टीम सत्यापन करेगी।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन के बाद ही भुगतान होगा। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम पंचायत सचिव और एक अभियंता की टीम सत्यापन करेगी। ग्राम पंचायतें एसएनए स्पर्श पोर्टल 2.0 पर बिल अपलोड करेंगी। इसके बाद शासन की ओर से भुगतान जारी किया जाएगा। डीपीआरओ चंद्रभान सिंह ने बताया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले से भेजी गई कार्ययोजना के आधार पर यह धनराशि प्रथम चरण में स्वीकृत हुई है। इससे ग्राम पंचायतों में सिल्ट कैचर, फिल्टर चैंबर और सोख्ता गड्ढे बनाए जाएंगे। हैंडपंप सोकपिट, ई-रिक्शा और वर्मी कंपोस्ट यूनिट भी स्थापित होंगी। रिसोर्स रिकवरी सेंटर समेत अन्य स्वच्छता संबंधी कार्य भी कराए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरे होने के बाद ब्लॉक स्तरीय टीम सत्यापन करेगी।
विज्ञापन
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन के बाद ही भुगतान होगा। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम पंचायत सचिव और एक अभियंता की टीम सत्यापन करेगी। ग्राम पंचायतें एसएनए स्पर्श पोर्टल 2.0 पर बिल अपलोड करेंगी। इसके बाद शासन की ओर से भुगतान जारी किया जाएगा। डीपीआरओ चंद्रभान सिंह ने बताया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी भी होगी।
विज्ञापन