{"_id":"5cc88a90bdec220734073151","slug":"91556646544-bahraich-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशुनापुर गांव के निकट दो दिन से सुनाई पड़ रही बाघ की दहाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशुनापुर गांव के निकट दो दिन से सुनाई पड़ रही बाघ की दहाड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज के विशुनापुर गांव के पास बाघ ने दादी और पौत्री को निवाला बना लिया था। इसके बाद से क्षेत्र में निरंतर बाघ का मूवमेंट मिल रहा है। दो दिन से बाघ की दहाड़ भी सुनाई पड़ रही है। ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। गांव के लोगों को जंगल में न जाने की चेतावनी दी गई है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत विशुनापुर गांव के निकट चार दिन पूर्व बाघ के हमले में दादी और पौत्री की मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने गांव के लोगों को सुरक्षित करने के लिए जंगल से सटे परिक्षेत्र में प्लास्टिक के जाल की बाड़ लगाई गई थी। तब से बाघ तो गांव में नहीं पहुंचा है, लेकिन उसकी दहाड़ दो दिन से रह-रह कर सुनाई दे रही है।
गांव निवासी शिवकुमार और विमलेश का कहना है कि रात में 10 बजे से रह-रह कर बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ती रही। जिसके चलते गांव के लोग रात जगकर बिता रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। ऐसे में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि खेत-खलिहान में भी ग्रामीण समूह में जाएं। वन्यजीव के दिखने पर गोला-पटाखा दागकर हांका लगाएं। संघर्ष करने की कोशिश न करें। तत्काल सूचना रेंज कार्यालय दें, जिससे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।
विज्ञापन
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत विशुनापुर गांव के निकट चार दिन पूर्व बाघ के हमले में दादी और पौत्री की मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने गांव के लोगों को सुरक्षित करने के लिए जंगल से सटे परिक्षेत्र में प्लास्टिक के जाल की बाड़ लगाई गई थी। तब से बाघ तो गांव में नहीं पहुंचा है, लेकिन उसकी दहाड़ दो दिन से रह-रह कर सुनाई दे रही है।
विज्ञापन
गांव निवासी शिवकुमार और विमलेश का कहना है कि रात में 10 बजे से रह-रह कर बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ती रही। जिसके चलते गांव के लोग रात जगकर बिता रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। ऐसे में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि खेत-खलिहान में भी ग्रामीण समूह में जाएं। वन्यजीव के दिखने पर गोला-पटाखा दागकर हांका लगाएं। संघर्ष करने की कोशिश न करें। तत्काल सूचना रेंज कार्यालय दें, जिससे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।