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बारिश से शहर लबालब, नौ मकान ढहे
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:18 PM IST
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बहराइच। झमाझम बारिश से शहर में भीषण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। चारों ओर पानी ही पानी है। गलियां और मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गए। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। गृहस्थी बर्बाद हो गई है।
जिला अस्पताल में घुटने भर पानी के बीच से होकर मरीज और तीमारदार आना-जाना लगा रहा। नानपारा के नई बस्ती मोहल्ले में जलभराव से 200 लोग फंस गए। इन्हें एनडीआरएफ ने नाव के जरिये सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
तेज बारिश से नौ मकान ढह गए। सात लोग घायल हुए हैं। दर्जनों पेड़ गिरने से भी लोगों को असुविधा हुई। तराई में बुधवार रात मानसून ने इस कदर करवट ली कि सुबह होते-होते लोगों की जिंदगी दुश्वार हो गई।
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रात एक बजे से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी पूरे दिन जारी रही। सुबह नौ बजे तक 93 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालत यह रही कि शहर के घसियारीपुरा, बख्शीपुरा नईबस्ती, अकबरपुरा नईबस्ती, चांदपुरा, सिविल लाइन, सलारगंज, तिकोनीबाग मोहल्लों में सड़कें तालाब नजर आने लगीं।
घसियारीपुरा और नौवागढ़ी मोहल्ले में तो लोगों के घरों में पानी घुस गया। जिसके चलते गृहस्थी का सारा सामान डूब गया। जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त है।
नानपारा के नईबस्ती मोहल्ले में लोगों के घरों में साढ़े तीन से चार फीट तक पानी घुस गया। जैसे-तैसे मोहल्लेवासियों ने जान बचाई। यहां पर उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव की सूचना पर एनडीआरएफ की टीम बुलानी पड़ी।
अपर जिलाधिकारी रामसुरेश वर्मा की मौजूदगी में टीम के जवानों ने नाव द्वारा मोहल्ले के 37 परिवारों को रेस्क्यू किया। वर्षा के दौरान मकान भी ढहे। महसी के भौंरी में अवधेश कुमार और राजरानी का मकान ढह गया।
चपेट में आकर अवधेश, राजरानी समेत चार लोग घायल हुए। शहर के मोहल्ला गुदड़ी में पुराना जर्जर मकान ढह गया। संयोग से इस मकान में ताला बंद था।
जरवल में जरवल देहात अंतर्गत नयापुरवा गांव में मकान ढहने से परिवार की 30 वर्षीय खलिकुलनिशा, 15 दिन की बेटी व पिता ताज मोहम्मद (50) घायल हो गए।
फखरपुर क्षेत्र में मकान ढहने से तुलसीराम और ननकऊ घायल हुए हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पेड़ गिरा, बिजली आपूर्ति प्रभावित
शहर के जेल रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के निकट एक पेड़ ढह गया। अंडरग्राउंड विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। शहर के चौथाई हिस्से की लाइट सुबह से दोपहर तक कटी रही।
लगभग 45 हजार की आबादी प्रभावित रही। जलभराव के कारण बिजली कर्मी भी बेबस थे। पंपिंग सेट से पानी निकालने के बाद विद्युत लाइन दुरुस्त हो सकी।
बच्चों ने की मस्ती
गुरुनानक चौक से पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर स्थित डाक बंगले के सामने डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया। यहां बच्चे तैरते नजर आए।
घुटनों भर पानी में चलकर अस्पताल पहुंचे मरीज
भारी वर्षा से जिला अस्पताल तालाब नजर आया। घुटनों भर पानी में होकर मरीज और तीमारदार अस्पताल पहुंचे। जलभराव की स्थिति यह थी कि जिला अस्पताल के निचले हिस्से में बने वार्ड में भी पानी घुसने लगा।
इससे मरीजों में अफरातफरी की स्थिति रही। किसी तरह व्यवस्था दुरुस्त हो सकी। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, श्रावस्ती ग्रामीण बैंक के अलावा शॉपिंग मॉल में भी पानी घुस गया।
पयागपुर विधायक के घर में घुसा पानी
शहर के डिगिहा तिराहे के निकट पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी का आवास है। उनके आवास में भी पानी घुस गया। विधायक आवास के सामने की सड़क तालाब दिख रही थी।
सूचना पाकर उप जिलाधिकारी सदर जुबेर बेग, नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव टीम के साथ पहुंचे। पंपिंग सेट लगाकर पानी बाहर निकलवाया गया।
नहीं दिखे नगर पालिका के कर्मचारी
गुरुवार को हुई वर्षा से पूरा शहर पानी-पानी दिखा। नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खुल गई। व्यवस्थाएं चरमराई दिखीं।
नाले चोक होने से जलभराव हो गया। नगरवासियों ने पालिका के अधिकारी और कर्मचारियों को फोन मिलाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
ढह गई नाले की दीवार
शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में महाराज सिंह इंटर कॉलेज के निकट नाले की दीवार भारी वर्षा के बीच ढह गई। इससे जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई। मलबा हटाने के इंतजाम नहीं हो सके। जलभराव की स्थिति और भी विकराल बनी रही।
भारी वर्षा से शहर और अन्य नगर क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से नगरवासियों को जूझना पड़ा है। इसकी सूचना मिली है। नानपारा में नाव द्वारा लोगों को रेस्क्यू किया गया। मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रामसुरेश वर्मा, अपर जिलाधिकारी
गल्लामंडी में बसाए गए लोग
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि नानपारा के नईबस्ती मोहल्ले से एनडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू किए गए परिवारों को गल्लामंडी के बरामदों में बसाया गया है।
उनके भोजन के भी इंतजाम किए गए हैं। उप जिलाधिकारी को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नानपारा के चेयरमैन अब्दुलमोहीद राजू भी व्यवस्था में लगे हुए हैं।
अभी तीन दिन सजग रहने की जरूरत
फसल अनुसंधान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी तीन दिन तक जिले के लोगों को भारी वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सजग रहने की जरूरत है। गरज-चमक के साथ बरसात होगी। किसानों को भी फसलों पार नजर रखनी पड़ेगी।
-डॉ. आरके श्रीवास्तव, मौसम वैज्ञानिक
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जिला अस्पताल में घुटने भर पानी के बीच से होकर मरीज और तीमारदार आना-जाना लगा रहा। नानपारा के नई बस्ती मोहल्ले में जलभराव से 200 लोग फंस गए। इन्हें एनडीआरएफ ने नाव के जरिये सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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तेज बारिश से नौ मकान ढह गए। सात लोग घायल हुए हैं। दर्जनों पेड़ गिरने से भी लोगों को असुविधा हुई। तराई में बुधवार रात मानसून ने इस कदर करवट ली कि सुबह होते-होते लोगों की जिंदगी दुश्वार हो गई।
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रात एक बजे से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी पूरे दिन जारी रही। सुबह नौ बजे तक 93 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालत यह रही कि शहर के घसियारीपुरा, बख्शीपुरा नईबस्ती, अकबरपुरा नईबस्ती, चांदपुरा, सिविल लाइन, सलारगंज, तिकोनीबाग मोहल्लों में सड़कें तालाब नजर आने लगीं।
घसियारीपुरा और नौवागढ़ी मोहल्ले में तो लोगों के घरों में पानी घुस गया। जिसके चलते गृहस्थी का सारा सामान डूब गया। जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त है।
नानपारा के नईबस्ती मोहल्ले में लोगों के घरों में साढ़े तीन से चार फीट तक पानी घुस गया। जैसे-तैसे मोहल्लेवासियों ने जान बचाई। यहां पर उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव की सूचना पर एनडीआरएफ की टीम बुलानी पड़ी।
अपर जिलाधिकारी रामसुरेश वर्मा की मौजूदगी में टीम के जवानों ने नाव द्वारा मोहल्ले के 37 परिवारों को रेस्क्यू किया। वर्षा के दौरान मकान भी ढहे। महसी के भौंरी में अवधेश कुमार और राजरानी का मकान ढह गया।
चपेट में आकर अवधेश, राजरानी समेत चार लोग घायल हुए। शहर के मोहल्ला गुदड़ी में पुराना जर्जर मकान ढह गया। संयोग से इस मकान में ताला बंद था।
जरवल में जरवल देहात अंतर्गत नयापुरवा गांव में मकान ढहने से परिवार की 30 वर्षीय खलिकुलनिशा, 15 दिन की बेटी व पिता ताज मोहम्मद (50) घायल हो गए।
फखरपुर क्षेत्र में मकान ढहने से तुलसीराम और ननकऊ घायल हुए हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पेड़ गिरा, बिजली आपूर्ति प्रभावित
शहर के जेल रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के निकट एक पेड़ ढह गया। अंडरग्राउंड विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। शहर के चौथाई हिस्से की लाइट सुबह से दोपहर तक कटी रही।
लगभग 45 हजार की आबादी प्रभावित रही। जलभराव के कारण बिजली कर्मी भी बेबस थे। पंपिंग सेट से पानी निकालने के बाद विद्युत लाइन दुरुस्त हो सकी।
बच्चों ने की मस्ती
गुरुनानक चौक से पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर स्थित डाक बंगले के सामने डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया। यहां बच्चे तैरते नजर आए।
घुटनों भर पानी में चलकर अस्पताल पहुंचे मरीज
भारी वर्षा से जिला अस्पताल तालाब नजर आया। घुटनों भर पानी में होकर मरीज और तीमारदार अस्पताल पहुंचे। जलभराव की स्थिति यह थी कि जिला अस्पताल के निचले हिस्से में बने वार्ड में भी पानी घुसने लगा।
इससे मरीजों में अफरातफरी की स्थिति रही। किसी तरह व्यवस्था दुरुस्त हो सकी। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, श्रावस्ती ग्रामीण बैंक के अलावा शॉपिंग मॉल में भी पानी घुस गया।
पयागपुर विधायक के घर में घुसा पानी
शहर के डिगिहा तिराहे के निकट पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी का आवास है। उनके आवास में भी पानी घुस गया। विधायक आवास के सामने की सड़क तालाब दिख रही थी।
सूचना पाकर उप जिलाधिकारी सदर जुबेर बेग, नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव टीम के साथ पहुंचे। पंपिंग सेट लगाकर पानी बाहर निकलवाया गया।
नहीं दिखे नगर पालिका के कर्मचारी
गुरुवार को हुई वर्षा से पूरा शहर पानी-पानी दिखा। नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खुल गई। व्यवस्थाएं चरमराई दिखीं।
नाले चोक होने से जलभराव हो गया। नगरवासियों ने पालिका के अधिकारी और कर्मचारियों को फोन मिलाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
ढह गई नाले की दीवार
शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में महाराज सिंह इंटर कॉलेज के निकट नाले की दीवार भारी वर्षा के बीच ढह गई। इससे जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई। मलबा हटाने के इंतजाम नहीं हो सके। जलभराव की स्थिति और भी विकराल बनी रही।
भारी वर्षा से शहर और अन्य नगर क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से नगरवासियों को जूझना पड़ा है। इसकी सूचना मिली है। नानपारा में नाव द्वारा लोगों को रेस्क्यू किया गया। मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रामसुरेश वर्मा, अपर जिलाधिकारी
गल्लामंडी में बसाए गए लोग
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि नानपारा के नईबस्ती मोहल्ले से एनडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू किए गए परिवारों को गल्लामंडी के बरामदों में बसाया गया है।
उनके भोजन के भी इंतजाम किए गए हैं। उप जिलाधिकारी को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नानपारा के चेयरमैन अब्दुलमोहीद राजू भी व्यवस्था में लगे हुए हैं।
अभी तीन दिन सजग रहने की जरूरत
फसल अनुसंधान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी तीन दिन तक जिले के लोगों को भारी वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सजग रहने की जरूरत है। गरज-चमक के साथ बरसात होगी। किसानों को भी फसलों पार नजर रखनी पड़ेगी।
-डॉ. आरके श्रीवास्तव, मौसम वैज्ञानिक