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जमीन के लिए सांसद के खिलाफ प्रदर्शन
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:32 PM IST
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बहराइच। मझांव गांव में जमीन को लेकर शनिवार को सांसद के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए। सभी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद के करीबी अक्षयबर नाथ कनौजिया ने तीस बीघा खेत एक साल पहले खरीदा था। जमीन का विवाद न्यायालय में चल रहा है।
इसके बावजूद सांसद ने मौके पर खड़े होकर पुलिस की मदद से खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। क्षेत्र के ग्रामीणों ने शनिवार को डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। घटना की सीडी भी डीएम को ग्रामीणों ने सौंपी है।
थाना मोतीपुर अंतर्गत ग्राम मझांव निवासी जानकी प्रसाद के पिता रामसेवक और गांव निवासी दूधनाथ ने जमीन खरीदी थी। लगभग तीस बीघा जमीन पर दोनों के परिवार के लोगों का कब्जा चला आ रहा था।
जानकी प्रसाद का कहना है कि सांसद के करीबी चाचा अक्षयबर नाथ कनौजिया ने गांव निवासी अनिल कुमार मिश्र व श्याम सुंदर मिश्र से जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया।
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तहसीलदार की कोर्ट में वाद दायर है। इसके बाद भी शुक्रवार को सांसद सावित्री बाई फुले अपने दस-बारह हथियारबंद लोगों के साथ मौके पर पहुंच गई।
उनके साथ तहसीलदार मोतीपुर और एसओ मोतीपुर भी थे। सभी ने जबरन धान, कुंदरु, परवल, अदरक, मूंगफली की फसल को जोतना शुरू कर दिया। घर की महिलाओं के मना करने पर उनसे अभद्रता की गई।
सभी ने शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम माला श्रीवास्तव को मौके पर किए जा रहे कब्जे की सीडी और प्रार्थना पत्र दिया। निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
अभद्रता की दी तहरीर
सांसद के करीबी अक्षयबर नाथ कनौजिया ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा गलत बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने जमीन का बैनामा कराया है। सभी कागजात हैं।
जमीन पर कब्जे के दौरान प्रशासन के सामने ही उनके साथ अभद्रता की गई। जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में सीओ नानपारा को तहरीर दी गई है।
सावित्री बाई बोलीं- विधायक के भड़काने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
सांसद सावित्री बाई फुले ने बताया कि आरोप बेबुनियाद हैं। अक्षयबर नाथ कनौजिया मेरे करीबी नहीं हैं। क्षेत्र के निवासी हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने मुझे समस्या बताई। समस्या निपटाने के लिए मौके पर गई थी।
अक्षयवरनाथ कनौजिया के नाम जमीन के कागजात हैं। विपक्षी कोर्ट में मामला होने की बात कह रहे हैं। लेकिन खसरा खतौनी में कोर्ट का कहीं अंकन नहीं है।
तीन माह पूर्व ही प्रशासन ने जाकर जमीन का चिन्हाकन कर लोगों को कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को तहसीलदार व पुलिस ने मौके पर जाकर कब्जा दिलाया।
वे सिर्फ न्याय दिलाने के लिए मौके पर मौजूद रहीं। बलहा विधायक अक्षयवरलालगोंड राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रखते हैं। उन्होंने विपक्षियों को उकसा कर बीते दिनों अक्षयवर नाथ कनौजिया की जमीन पर कब्जा दिलाया था।
इस मामले में सीमांकन हुआ, जिसमें कब्जे की पुष्टि हुई। डीएम के आदेश पर तहसीलदार और एसडीएम ने कब्जा हटवाया।
विधायक बोलें- उन्होंने नहीं भड़काया, सांसद का पैतृक गांव
सांसद सावित्रीबाईफुले द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में बलहा विधायक अक्षयवर लाल गोंड का कहना है कि उनसे इस मामले में कोई लेनादेना नहीं है।
मझाव सांसद का पैतृक गांव है। पीड़ित ग्रामीणों ने मौके की वीडियोग्राफी भी करवाई है। उसकी सीडी डीएम को भी सौंपी है। डीएम इस मामले में जांच करा रही हैं। बलहा विधायक ने ग्रामीणों को भड़काने से इंकार किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद के करीबी अक्षयबर नाथ कनौजिया ने तीस बीघा खेत एक साल पहले खरीदा था। जमीन का विवाद न्यायालय में चल रहा है।
इसके बावजूद सांसद ने मौके पर खड़े होकर पुलिस की मदद से खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। क्षेत्र के ग्रामीणों ने शनिवार को डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। घटना की सीडी भी डीएम को ग्रामीणों ने सौंपी है।
थाना मोतीपुर अंतर्गत ग्राम मझांव निवासी जानकी प्रसाद के पिता रामसेवक और गांव निवासी दूधनाथ ने जमीन खरीदी थी। लगभग तीस बीघा जमीन पर दोनों के परिवार के लोगों का कब्जा चला आ रहा था।
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जानकी प्रसाद का कहना है कि सांसद के करीबी चाचा अक्षयबर नाथ कनौजिया ने गांव निवासी अनिल कुमार मिश्र व श्याम सुंदर मिश्र से जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया।
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तहसीलदार की कोर्ट में वाद दायर है। इसके बाद भी शुक्रवार को सांसद सावित्री बाई फुले अपने दस-बारह हथियारबंद लोगों के साथ मौके पर पहुंच गई।
उनके साथ तहसीलदार मोतीपुर और एसओ मोतीपुर भी थे। सभी ने जबरन धान, कुंदरु, परवल, अदरक, मूंगफली की फसल को जोतना शुरू कर दिया। घर की महिलाओं के मना करने पर उनसे अभद्रता की गई।
सभी ने शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम माला श्रीवास्तव को मौके पर किए जा रहे कब्जे की सीडी और प्रार्थना पत्र दिया। निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
अभद्रता की दी तहरीर
सांसद के करीबी अक्षयबर नाथ कनौजिया ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा गलत बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने जमीन का बैनामा कराया है। सभी कागजात हैं।
जमीन पर कब्जे के दौरान प्रशासन के सामने ही उनके साथ अभद्रता की गई। जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में सीओ नानपारा को तहरीर दी गई है।
सावित्री बाई बोलीं- विधायक के भड़काने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
सांसद सावित्री बाई फुले ने बताया कि आरोप बेबुनियाद हैं। अक्षयबर नाथ कनौजिया मेरे करीबी नहीं हैं। क्षेत्र के निवासी हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने मुझे समस्या बताई। समस्या निपटाने के लिए मौके पर गई थी।
अक्षयवरनाथ कनौजिया के नाम जमीन के कागजात हैं। विपक्षी कोर्ट में मामला होने की बात कह रहे हैं। लेकिन खसरा खतौनी में कोर्ट का कहीं अंकन नहीं है।
तीन माह पूर्व ही प्रशासन ने जाकर जमीन का चिन्हाकन कर लोगों को कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को तहसीलदार व पुलिस ने मौके पर जाकर कब्जा दिलाया।
वे सिर्फ न्याय दिलाने के लिए मौके पर मौजूद रहीं। बलहा विधायक अक्षयवरलालगोंड राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रखते हैं। उन्होंने विपक्षियों को उकसा कर बीते दिनों अक्षयवर नाथ कनौजिया की जमीन पर कब्जा दिलाया था।
इस मामले में सीमांकन हुआ, जिसमें कब्जे की पुष्टि हुई। डीएम के आदेश पर तहसीलदार और एसडीएम ने कब्जा हटवाया।
विधायक बोलें- उन्होंने नहीं भड़काया, सांसद का पैतृक गांव
सांसद सावित्रीबाईफुले द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में बलहा विधायक अक्षयवर लाल गोंड का कहना है कि उनसे इस मामले में कोई लेनादेना नहीं है।
मझाव सांसद का पैतृक गांव है। पीड़ित ग्रामीणों ने मौके की वीडियोग्राफी भी करवाई है। उसकी सीडी डीएम को भी सौंपी है। डीएम इस मामले में जांच करा रही हैं। बलहा विधायक ने ग्रामीणों को भड़काने से इंकार किया।