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जिले के 45 स्कूलों को बनाया गया परीक्षा केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 08 Jan 2016 10:16 PM IST
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श्रावस्ती। जिले में 45 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यह स्कूल पहले भी विवादित रहे हैं या नहीं इसकी जानकारी विभाग को नहीं है।
विभाग ने छात्रों की सुविधा के लिए दो साल पूरा करने वाले सभी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया है। इसमें से जहां एक विद्यालय को उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्र बनाया गया।
वहीं एक विद्यालय को यूपी बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्र बनाने से वंचित किया गया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में माफियाओं की सक्रियता किसी से छिपी नहीं है। जिले में भी कई ऐसे स्कूल हैं जिन पर बोड़ परीक्षा के दौरान उंगली उठती रही है। इसके बावजूद उन्हें इस बार फिर से परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
विभागीय अधिकारी ऐसी कोई भी जानकारी न होने की बात कह परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए दो वर्ष पूरा करने वाले सभी नजदीकी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की बात कहते हैं।
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जिले में देखा जाए तो पहली सूची में 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिनमें चार और विद्यालयों को बढ़ाया गया है। इसमें से प्रकाश सिंह मैरिया इंटर कॉलेज को हाई कोर्ट के आदेश पर दोबारा परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
जबकि गिलौला में आचार्य चाणक्य इंटर कॉलेज, प्रेम शुक्ला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, एसपी रणजीत सिंह इंटर कॉलेज को पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
वहीं कॉपियों में हेरफेर के आरोप के कारण यूपी बोर्ड के निर्देश पर किसान इंटर कॉलेज लक्ष्मन नगर को इस बार परीक्षा केंद्र बनने से वंचित कर दिया गया है।
इन पर लगा था सामूहिक नकल कराने का आरोप
सिरसिया के सेमरहना स्थित तपसी इंटर कॉलेज, गिलौला के मैरिया स्थित प्रकाश सिंह इंटर कॉलेज व किसान इंटर कॉलेज लक्ष्मननगर में पहले से ही सामूहिक नकल कराने का आरोप लगता रहा है।
इसमें जहां लक्ष्मननगर को केंद्र बनने से वंचित किया गया। वहीं तपसी इंटर कॉलेज व प्रकाश सिंह मैरिया को उच्च न्यायालय के निर्देश पर दोबारा परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता
लगा इसकी हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। परीक्षार्थियों को दूर न जाना पड़े। उनकी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जो विद्यालय दो वर्ष पूरा कर चुके हैं। उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
- अनूप कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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विभाग ने छात्रों की सुविधा के लिए दो साल पूरा करने वाले सभी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया है। इसमें से जहां एक विद्यालय को उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्र बनाया गया।
वहीं एक विद्यालय को यूपी बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्र बनाने से वंचित किया गया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में माफियाओं की सक्रियता किसी से छिपी नहीं है। जिले में भी कई ऐसे स्कूल हैं जिन पर बोड़ परीक्षा के दौरान उंगली उठती रही है। इसके बावजूद उन्हें इस बार फिर से परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
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विभागीय अधिकारी ऐसी कोई भी जानकारी न होने की बात कह परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए दो वर्ष पूरा करने वाले सभी नजदीकी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की बात कहते हैं।
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जिले में देखा जाए तो पहली सूची में 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिनमें चार और विद्यालयों को बढ़ाया गया है। इसमें से प्रकाश सिंह मैरिया इंटर कॉलेज को हाई कोर्ट के आदेश पर दोबारा परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
जबकि गिलौला में आचार्य चाणक्य इंटर कॉलेज, प्रेम शुक्ला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, एसपी रणजीत सिंह इंटर कॉलेज को पहली बार परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
वहीं कॉपियों में हेरफेर के आरोप के कारण यूपी बोर्ड के निर्देश पर किसान इंटर कॉलेज लक्ष्मन नगर को इस बार परीक्षा केंद्र बनने से वंचित कर दिया गया है।
इन पर लगा था सामूहिक नकल कराने का आरोप
सिरसिया के सेमरहना स्थित तपसी इंटर कॉलेज, गिलौला के मैरिया स्थित प्रकाश सिंह इंटर कॉलेज व किसान इंटर कॉलेज लक्ष्मननगर में पहले से ही सामूहिक नकल कराने का आरोप लगता रहा है।
इसमें जहां लक्ष्मननगर को केंद्र बनने से वंचित किया गया। वहीं तपसी इंटर कॉलेज व प्रकाश सिंह मैरिया को उच्च न्यायालय के निर्देश पर दोबारा परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता
लगा इसकी हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। परीक्षार्थियों को दूर न जाना पड़े। उनकी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जो विद्यालय दो वर्ष पूरा कर चुके हैं। उन्हें परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
- अनूप कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक