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पानी में डूबने से हुई थी करन और निसार की मौत
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:36 PM IST
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पानी में डूबने से हुई थी करन व निसार की मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई पुष्टि
तहरीर और एफआईआर पर घिरी बौंडी पुलिस
बहराइच। भौरी गांव में खदान स्थल पर दो बालकों की मौत के मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट शुक्रवार को आ गई, जिसमें दोनों बालकों के डूबकर मौत होने की पुष्टि हुई है। वहीं, दर्ज एफआईआर पर बौंडी पुलिस पूरी तरह फंसती नजर आ रही है। तहरीर में जिसे आरोपी बनाया गया, उसके नाम एफआईआर ही नहीं दर्ज हुई।
महसी के भौंरी गांव के पास घाघरा के कछार में बालू खदान का पट्टा हुआ है। इस पट्टे के ठेकेदार गोंडा के परसपुर निवासी रामजी है। बुधवार को खदान के दौरान गांव निवासी चेतराम के पुत्र करन व रहमत अली पुत्र निसार की मौत का मामला सामने आया था। आरोप था कि ठेकेदार ने दोनों बालकों की हत्या कर शव को गाड़ दिया। इसको लेकर काफी बवाल हुआ था। इस मामले में चेतराम ने घटना के दिन ही बेटे की मौत के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार बताते हुए तहरीर दी थी। निशंक त्रिपाठी और मनोज शुक्ला पर कुछ दिन पूर्व धमकी देने का आरोप मढ़ा था। लेकिन बौंडी पुलिस ने ठेकेदार को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ निशंक और मनोज पर केस दर्ज किया। वहीं दोनों बच्चों के शव का पोस्टमार्टम गुरुवार देर शाम डॉ. राज बहादुर, डॉ. आरके वर्मा और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव की टीम ने किया। चिकित्सकों ने बताया कि पीएम में एंटीमार्टम की पुष्टि नहीं हुई है। न तो चोट के निशान है न ही दम घुटा, बल्कि पानी में डूबने से दोनों बच्चों ने दम तोड़ा। वहीं, बौंडी में खदान स्थल पर जहां दोनों बच्चों के शव मिले, वहां पर रात में घाघरा नदी का पानी पहुंच गया। नदी में जल स्तर बढ़ने से पूरा खदान इलाका जलमगभन हो गया है। घटनास्थल के पानी में डूबने से जांच का कार्य भी प्रभावित हुआ है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई पुष्टि
तहरीर और एफआईआर पर घिरी बौंडी पुलिस
बहराइच। भौरी गांव में खदान स्थल पर दो बालकों की मौत के मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट शुक्रवार को आ गई, जिसमें दोनों बालकों के डूबकर मौत होने की पुष्टि हुई है। वहीं, दर्ज एफआईआर पर बौंडी पुलिस पूरी तरह फंसती नजर आ रही है। तहरीर में जिसे आरोपी बनाया गया, उसके नाम एफआईआर ही नहीं दर्ज हुई।
महसी के भौंरी गांव के पास घाघरा के कछार में बालू खदान का पट्टा हुआ है। इस पट्टे के ठेकेदार गोंडा के परसपुर निवासी रामजी है। बुधवार को खदान के दौरान गांव निवासी चेतराम के पुत्र करन व रहमत अली पुत्र निसार की मौत का मामला सामने आया था। आरोप था कि ठेकेदार ने दोनों बालकों की हत्या कर शव को गाड़ दिया। इसको लेकर काफी बवाल हुआ था। इस मामले में चेतराम ने घटना के दिन ही बेटे की मौत के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार बताते हुए तहरीर दी थी। निशंक त्रिपाठी और मनोज शुक्ला पर कुछ दिन पूर्व धमकी देने का आरोप मढ़ा था। लेकिन बौंडी पुलिस ने ठेकेदार को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ निशंक और मनोज पर केस दर्ज किया। वहीं दोनों बच्चों के शव का पोस्टमार्टम गुरुवार देर शाम डॉ. राज बहादुर, डॉ. आरके वर्मा और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव की टीम ने किया। चिकित्सकों ने बताया कि पीएम में एंटीमार्टम की पुष्टि नहीं हुई है। न तो चोट के निशान है न ही दम घुटा, बल्कि पानी में डूबने से दोनों बच्चों ने दम तोड़ा। वहीं, बौंडी में खदान स्थल पर जहां दोनों बच्चों के शव मिले, वहां पर रात में घाघरा नदी का पानी पहुंच गया। नदी में जल स्तर बढ़ने से पूरा खदान इलाका जलमगभन हो गया है। घटनास्थल के पानी में डूबने से जांच का कार्य भी प्रभावित हुआ है।
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