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बाढ़ की चपेट में महसी के 26 गांव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2016 10:30 PM IST
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जनजीवन अस्तव्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
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उफनाई घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते महसी क्षेत्र के 10 और गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। अफरातफरी में ग्रामीण नाव से गृहस्थी का सामान लादकर पलायन कर रहे हैं।
वहीं कायमपुर गांव के पास घाघरा नदी ने तेज कटान शुरू कर दी है। आठ मकान नदी में समा चुके हैं। राहत और बचाव कार्य अब तक नहीं हो रहा है। इन हालात में ग्रामीण परेशान हैं। घाघरा नदी में बाढ़ के चलते हालात खतरनाक हो गए हैं। नदी का जलस्तर एक सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।
सोमवार शाम एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.486 मीटर मापा गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। निरंतर जलस्तर में वृद्धि के चलते गांवों के बाढ़ से घिरने का सिलसिला जारी है।
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महसी के दस और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कैसरगंज और नानपारा क्षेत्र में नदी के तटवर्ती गांवों को भी बाढ़ का पानी घेरने लगा है। बेलहा बेहरौली तटबंध और गोलागंज मार्ग पर बाढ़ का पानी ढाई से तीन फुट बह रहा है। इससे तीन गांवों का संपर्क कट गया है।
वहीं बाढ़ का पानी बरुआबेहड़, उमरिया, चुरलिया, अहिरनपुरवा, लोनियनपुरवा, तूलापुर, भौरी, सीतारामपुरवा, नगेसरपुरवा, लोनियनपुरवा और जोगलापुरवा गांव में भी घुस गया है। इससे हड़कंप मचा हुआ है। लोग घरों में डूब रही गृहस्थी को नाव पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
जलस्तर में वृद्धि के साथ ही नदी की कटान तेज हो रही है। नदी की लहरें कटान करते हुए तटबंध की ओर बढ़ रही हैं। रविवार रात से लहरों ने कायमपुर गांव निवासी बूचे, रमेश, राकेश, बदलू, सांवली, देशराज, मन्नी समेत आठ लोगों के मकान लील लिए।
हालात को देखते हुए लोग दहशत में हैं। एसडीएम महसी एसपी शुक्ला ने बताया कि सभी 14 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में नावें लगाई गई हैं। लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। तहसील प्रशासन ने घाघरा घाट में और चार नावें मंगाई हैं। इनसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
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वहीं कायमपुर गांव के पास घाघरा नदी ने तेज कटान शुरू कर दी है। आठ मकान नदी में समा चुके हैं। राहत और बचाव कार्य अब तक नहीं हो रहा है। इन हालात में ग्रामीण परेशान हैं। घाघरा नदी में बाढ़ के चलते हालात खतरनाक हो गए हैं। नदी का जलस्तर एक सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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सोमवार शाम एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.486 मीटर मापा गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। निरंतर जलस्तर में वृद्धि के चलते गांवों के बाढ़ से घिरने का सिलसिला जारी है।
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महसी के दस और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कैसरगंज और नानपारा क्षेत्र में नदी के तटवर्ती गांवों को भी बाढ़ का पानी घेरने लगा है। बेलहा बेहरौली तटबंध और गोलागंज मार्ग पर बाढ़ का पानी ढाई से तीन फुट बह रहा है। इससे तीन गांवों का संपर्क कट गया है।
वहीं बाढ़ का पानी बरुआबेहड़, उमरिया, चुरलिया, अहिरनपुरवा, लोनियनपुरवा, तूलापुर, भौरी, सीतारामपुरवा, नगेसरपुरवा, लोनियनपुरवा और जोगलापुरवा गांव में भी घुस गया है। इससे हड़कंप मचा हुआ है। लोग घरों में डूब रही गृहस्थी को नाव पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
जलस्तर में वृद्धि के साथ ही नदी की कटान तेज हो रही है। नदी की लहरें कटान करते हुए तटबंध की ओर बढ़ रही हैं। रविवार रात से लहरों ने कायमपुर गांव निवासी बूचे, रमेश, राकेश, बदलू, सांवली, देशराज, मन्नी समेत आठ लोगों के मकान लील लिए।
हालात को देखते हुए लोग दहशत में हैं। एसडीएम महसी एसपी शुक्ला ने बताया कि सभी 14 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में नावें लगाई गई हैं। लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। तहसील प्रशासन ने घाघरा घाट में और चार नावें मंगाई हैं। इनसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।