फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   23 houses targeted by Saryu in Duijipurva

Bahraich News: दुईजीपुरवा में सरयू के निशाने पर 23 घर

Wed, 02 Jul 2025 02:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Wed, 02 Jul 2025 02:41 AM IST
विज्ञापन
23 houses targeted by Saryu in Duijipurva
शिवपुर के बौंडी गांव में बाढ़ को रोकने के लिए लगी बांस बल्ली व परक्यूपाइन।
शिवपुर (बहराइच)। बौंडी के ग्राम दुईजीपुरवा गांव को सरयू नदी तेजी से काटते हुए बढ़ रही है। गांव अब नदी से महज 10 मीटर की दूरी पर है। 23 घर सीधे नदी के मुहाने पर हैं। वहीं दूसरी ओर बाढ़ खंड गांव को सरयू की धारा से बचाने के लिए बांस-बल्ली का प्रयोग कर रहा है। इसे ग्रामीण विभाग का टोटका बता रहे हैं।
विज्ञापन

सरयू नदी की धारा कई क्षेत्रों में तेजी से कटान कर रही है। इसी तरह से नदी बौंडी पंचायत के दुईजीपुरवा को भी काट रही है। यह कटान विगत वर्ष से ही चल रहा है। कटान पीड़ित जैसे-जैसे पीछे हटते जाते हैं। नदी अपना रुख गांव की ओर करती जाती है। विगत वर्ष किसी तरह बचे 23 घरों की ओर इस वर्ष नदी का सीधा रुख है। अब नदी व गांव के बीच महज 10 मीटर भूमि ही बची है। इसे एक या दो सप्ताह में नदी काटकर अपने में मिला सकती है। इस कटान को रोकने के लिए विगत वर्ष बाढ़ खंड ने बांस की बल्ली का क्रॉस बनाकर नदी के तट पर लगाया था। उन्हें उम्मीद थी कि नदी की कटान इससे रुक जाएगी, लेकिन नदी का रुख तो नहीं बदला, बल्कि नदी ने इन बासों को उखाड़ कर अलग फेंक दिया। इस अनूठे प्रयोग से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इसलिए कोई ठोस कार्य करने के बजाय बांस का टोटका कर रहा है।
विज्ञापन


दुईजीपुरवा के पीड़ितों को डीएम के वादा पूरा होने का इंतजार


दुईजीपुरवा कटान प्रभावित गांव है। यहां विगत वर्ष आई बाढ़ के दौरान कई घर कट गए थे। इसमें से कुछ लोगों को तो विगत वर्ष मुआवजा मिल गया था, लेकिन कुछ लोगों का खाता गलत होने के कारण आज तक मुआवजा नहीं मिला। मुआवजा न मिलने से दुखी गांव की कौशल्या ने बताया कि पिछले वर्ष उनका पक्का घर कट गया था, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सहायता राशि नहीं मिली है। किसी तरह वह तीन लड़के और एक बेटी के साथ अपना जीवन यापन कर रही हैं। वहीं गांव निवासी राजेंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष उनका मकान बाढ़ में कट गया था। उन्हें भी अब तक कोई सहायता राशि नहीं मिली। लेखपाल से पूछने पर उन्होंने बताया कि आपका खाता गड़बड़ हो गया है, जिस कारण पैसे नहीं मिल पाए। कटान पीड़ित जगदीश ने बताया कि पिछले वर्ष जब हमारा घर कटा था तभी डीएम मोनिका रानी हमारे गांव आई थीं। उन्होंने कहा था कि जिनके पास जमीन नहीं बची है, उनको जमीन की व्यवस्था कराई जाएगी। लेकिन आज तक कहीं भी जमीन नहीं मिली। गांव में ही एक अन्य व्यक्ति की जमीन पर फूस का मकान बनाकर रह रहे हैं। गांव निवासी मनोहर ने बताया कि गांव में एक वर्ष पूर्व बिजली आई थी, लेकिन सिर्फ तीन महीने ही सप्लाई मिली। इसके बाद गांव में बल्ब नहीं जले और मीटर सभी के घरों में आज भी लटक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछली बार जितने भी लोग प्रभावित हुए थे सबको मानक अनुसार आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। कोई अवशेष नहीं है और इस बार गांव में 23 घर कटने की कगार पर है।

घर बनाने के लिए भूमि की मांग उठी
सरयू नदी जानकी नगर को लगातार काटती जा रही है। यही स्थिति रही तो एक सप्ताह के अंदर जहां कटान पीड़ित अपनी झुग्गी बना कर रह रहे हैं, वह नदी में समा जाएगा। इसके बाद कटान प्रभावितों को सड़क पर ही अपना आशियाना बनाना पड़ेगा। इस पर जानकीनगर के साथ ही दुईजीपुरवा में भी कटान के कारण भूमिहीन हुए लोगों ने घर बनाने के लिए सरकारी भूमि की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed