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मंदिर की गद्दी पर कब्जे को लेकर हुई थी पुजारी की हत्या
Updated Fri, 16 Jun 2017 01:47 AM IST
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महंत की गद्दी पर कब्जे को लेकर की थी पुजारी की हत्या
पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को किया गिरफ्तार
नानपारा (बहराइच)। 25 दिन पूर्व नानपारा के समय माता मंदिर में पुजारी की गला दबाकर की गई हत्या में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसने मंदिर में महंत की गद्दी पर कब्जेदारी को लेकर पुजारी की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत ग्राम इटहा स्थित समयमाता मंदिर के महंत संगमदास (70) पुत्र मेवालाल की 22 मई को गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। सुबह होने पर हत्या किए जाने की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। सीओ एसके यादव ने बताया कि महंत की सेविका सुक्खादेवी पुत्री गोबरे निवासी इटहा उनके उस दिन मंदिर में ही लेटी थी। कड़ी पूछताछ में उसने बताया कि बघौली गांव निवासी रंगीलाल पुत्र बाबादीन का महंत की गद्दी को लेकर विवाद चल रहा था। रात में वह कमरे में घुस आया था। जिसके बाद महंत की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस दौरान उसके और रंगीलाल के बीच संघर्ष भी हुआ था। सेविका के बयान के बाद नानपारा कोतवाल आलोक राव ने रंगीलाल को मटेरा चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को किया गिरफ्तार
नानपारा (बहराइच)। 25 दिन पूर्व नानपारा के समय माता मंदिर में पुजारी की गला दबाकर की गई हत्या में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसने मंदिर में महंत की गद्दी पर कब्जेदारी को लेकर पुजारी की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत ग्राम इटहा स्थित समयमाता मंदिर के महंत संगमदास (70) पुत्र मेवालाल की 22 मई को गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। सुबह होने पर हत्या किए जाने की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। सीओ एसके यादव ने बताया कि महंत की सेविका सुक्खादेवी पुत्री गोबरे निवासी इटहा उनके उस दिन मंदिर में ही लेटी थी। कड़ी पूछताछ में उसने बताया कि बघौली गांव निवासी रंगीलाल पुत्र बाबादीन का महंत की गद्दी को लेकर विवाद चल रहा था। रात में वह कमरे में घुस आया था। जिसके बाद महंत की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस दौरान उसके और रंगीलाल के बीच संघर्ष भी हुआ था। सेविका के बयान के बाद नानपारा कोतवाल आलोक राव ने रंगीलाल को मटेरा चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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