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20 फीसदी कोरोना जांच में ही सिमट गईं ग्राम पंचायतें
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बहराइच। गांवों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को कम करने के लिए सरकार ने 60 प्रतिशत की आबादी का जांच का निर्देश जारी किया है। लेकिन ग्राम पंचायत में कोरोना जांच का दायरा महज 20 प्रतिशत तक ही सिमट कर रह गया है। जिससे गांवों में संक्रमण का खतरा बरकरार है। इतना ही नहीं जांच न होने से ग्रामीण गांव में ही दम तोड़ रहे हैं। जिससे उनकी मौत किसी कारण से हुई, इसका पता भी नहीं लग पा रहा है। जिले के कई गांव ऐसे हैं, जहां पर आबादी का पांच प्रतिशत भी जांच नहीं हुई है।
कोरोना संक्रमण अब शहर से अधिक ग्रामीण क्षेत्र में फैल रहा है। जिले के कई ब्लाक ऐसे हैं, जहां प्रतिदिन पांच से 10 संक्रमित निकल रहे हैं। गांव में फैल रहे संक्रमण को कम करने के लिए सरकार ने 60 प्रतिशत की आबादी में कोरोना जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य कर्मी व शिक्षक भी लगाए गए हैं। लेकिन शासन के निर्देश का पालन जिले में नहीं हो रहा है। जिले में 1054 ग्राम पंचायत हैं। आबादी लगभग 42 लाख है। लेकिन आबादी का 25 प्रतिशत भी जांच नहीं हुआ है। वहीं कोरोना कॉल में सामान्य ओपीडी भी संचालित नहीं हो रही हैं। ऐसे में गांव में लोगों की मौत हो रही है। लेकिन जांच न होने से किस बीमारी से मौत हुई, इसका भी पता नहीं लग पा रहा है। कुछ ग्राम पंचायत ऐसे हैं, जहां तक स्वास्थ्य टीम ही नहीं पहुंची है। ऐसे में गांवों में फैले संक्रमण पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन मिलकर किस तरह कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाएगा, यह आने वाले समय ही बताएगा। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के लोग काढ़ा व पैरासीटामॉल के सहारे ही कोरोना भगाने में लगे हुए हैं।
अब तक हुई जांच एक नजर में-
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक जिले भर से 500131 लोगों की कोरोना जांच की गई। इनमें 49950 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि शेष की रिपोर्ट लंबित है। इनमें एंटीजन, आरटीपीसीआर, ट्रू नॉट जांच शामिल है। सीएमओ ने बताया कि बुधवार तक 11215 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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ब्लॉक- कैसरगंज
विकास खंड के ग्राम नौगोइयां की आबादी 11 हजार है। गांव में 590 लोगों की जांच हुई है। आठ लोग संक्रमित निकले हैं। गांव निवासी एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो चुकी है। इसी विकास खंड के ग्राम डिहवा शेर बहादुर सिंह की आबादी 9500 है। गांव में 800 लोगों की कोरोना जांच हुई। जिसमें 12 लोग पॉजिटिव आए। सभी की इलाज के बाद रिपोर्ट निगेटिव आ गई।
ब्लॉक रिसिया
विकास खंड के ग्राम बलभद्दरपुर में 126 लोगों की कोरोना जांच हुई। 310 लोगों को टीका लगाया गया है। जबकि गांव की आबादी चार हजार से अधिक है। इसी तरह ग्राम पंचायत गौरा धनौली की आबादी 2800 है। यहां पर 280 लोगों की कोरोना जांच हुई है।
ब्लॉक विशेश्वरगंज
विकास खंड विशेश्वरगंज के ग्राम पंचायत पुरैना की आबादी छह हजार है। लेकिन छह हजार की आबादी में महज 180 लोगों की ही कोरोना जांच हुई। लेकिन कोई संक्रमित नहीं निकला है। अधीक्षक डॉ. उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि लगातार लोगों की जांच की जा रही है।
ब्लॉक पयागपुर
पयागपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवदहा की आबादी 6500 है। गांव में 403 लोगों की कोरोना जांच हुई। अधीक्षक डॉ. मृत्युंजय पाठक ने बताया कि छह लोग पॉजिटिव आए हैं। हालांकि संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है।
ब्लॉक मिहींपुरवा
विकास खंड के ग्राम पंचायत उर्रा की आबादी लगभग आठ हजार है। अधीक्षक डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया गांव में 210 लोगों की कोरोना जांच हुई है। इनमें 12 लोग पॉजिटिव आए हैं। जबकि तीन लोगों की कोरोना से मौत दूसरे जिले में हुई है। वहीं मिहींपुरवा ग्राम में 450 लोगों की कोरोना जांच हुई है। जांच के दौरान 32 लोग पॉजिटिव आए हैं।
ब्लॉक- बलहा
विकास खंड के ग्राम अगैया की आबादी ढाई हजार है। यहां ग्राम पंचायत के साथ एसएसबी कैंप में 1635 लोगों की जांच हुई। बीसीपीएम अजय यादव ने बताया कि एसएसबी जवान समेत 43 लोग पॉजिटिव आए हैं। किसी की कोरोना से मौत नहीं हुई है। इसी विकास खंड के शाहपुर कला गांव में 205 लोगों की जांच हुई। जिनमें छह लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बढ़ा जांच का दायरा, जल्द काबू होगा संक्रमण
जिले में सभी अधीक्षकों व शहर के नोडल अधिकारी को जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। उसी के तहत अब प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो रही है। जबकि पहले यही जांच 1500 से 1800 के बीच हो रही थी। निरंतर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही कोरोना संक्रमण काबू में आ जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीणों को जागरूक भी कर रहे हैं।
-डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ
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कोरोना संक्रमण अब शहर से अधिक ग्रामीण क्षेत्र में फैल रहा है। जिले के कई ब्लाक ऐसे हैं, जहां प्रतिदिन पांच से 10 संक्रमित निकल रहे हैं। गांव में फैल रहे संक्रमण को कम करने के लिए सरकार ने 60 प्रतिशत की आबादी में कोरोना जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य कर्मी व शिक्षक भी लगाए गए हैं। लेकिन शासन के निर्देश का पालन जिले में नहीं हो रहा है। जिले में 1054 ग्राम पंचायत हैं। आबादी लगभग 42 लाख है। लेकिन आबादी का 25 प्रतिशत भी जांच नहीं हुआ है। वहीं कोरोना कॉल में सामान्य ओपीडी भी संचालित नहीं हो रही हैं। ऐसे में गांव में लोगों की मौत हो रही है। लेकिन जांच न होने से किस बीमारी से मौत हुई, इसका भी पता नहीं लग पा रहा है। कुछ ग्राम पंचायत ऐसे हैं, जहां तक स्वास्थ्य टीम ही नहीं पहुंची है। ऐसे में गांवों में फैले संक्रमण पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन मिलकर किस तरह कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाएगा, यह आने वाले समय ही बताएगा। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के लोग काढ़ा व पैरासीटामॉल के सहारे ही कोरोना भगाने में लगे हुए हैं।
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अब तक हुई जांच एक नजर में-
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक जिले भर से 500131 लोगों की कोरोना जांच की गई। इनमें 49950 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि शेष की रिपोर्ट लंबित है। इनमें एंटीजन, आरटीपीसीआर, ट्रू नॉट जांच शामिल है। सीएमओ ने बताया कि बुधवार तक 11215 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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ब्लॉक- कैसरगंज
विकास खंड के ग्राम नौगोइयां की आबादी 11 हजार है। गांव में 590 लोगों की जांच हुई है। आठ लोग संक्रमित निकले हैं। गांव निवासी एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो चुकी है। इसी विकास खंड के ग्राम डिहवा शेर बहादुर सिंह की आबादी 9500 है। गांव में 800 लोगों की कोरोना जांच हुई। जिसमें 12 लोग पॉजिटिव आए। सभी की इलाज के बाद रिपोर्ट निगेटिव आ गई।
ब्लॉक रिसिया
विकास खंड के ग्राम बलभद्दरपुर में 126 लोगों की कोरोना जांच हुई। 310 लोगों को टीका लगाया गया है। जबकि गांव की आबादी चार हजार से अधिक है। इसी तरह ग्राम पंचायत गौरा धनौली की आबादी 2800 है। यहां पर 280 लोगों की कोरोना जांच हुई है।
ब्लॉक विशेश्वरगंज
विकास खंड विशेश्वरगंज के ग्राम पंचायत पुरैना की आबादी छह हजार है। लेकिन छह हजार की आबादी में महज 180 लोगों की ही कोरोना जांच हुई। लेकिन कोई संक्रमित नहीं निकला है। अधीक्षक डॉ. उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि लगातार लोगों की जांच की जा रही है।
ब्लॉक पयागपुर
पयागपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवदहा की आबादी 6500 है। गांव में 403 लोगों की कोरोना जांच हुई। अधीक्षक डॉ. मृत्युंजय पाठक ने बताया कि छह लोग पॉजिटिव आए हैं। हालांकि संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है।
ब्लॉक मिहींपुरवा
विकास खंड के ग्राम पंचायत उर्रा की आबादी लगभग आठ हजार है। अधीक्षक डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया गांव में 210 लोगों की कोरोना जांच हुई है। इनमें 12 लोग पॉजिटिव आए हैं। जबकि तीन लोगों की कोरोना से मौत दूसरे जिले में हुई है। वहीं मिहींपुरवा ग्राम में 450 लोगों की कोरोना जांच हुई है। जांच के दौरान 32 लोग पॉजिटिव आए हैं।
ब्लॉक- बलहा
विकास खंड के ग्राम अगैया की आबादी ढाई हजार है। यहां ग्राम पंचायत के साथ एसएसबी कैंप में 1635 लोगों की जांच हुई। बीसीपीएम अजय यादव ने बताया कि एसएसबी जवान समेत 43 लोग पॉजिटिव आए हैं। किसी की कोरोना से मौत नहीं हुई है। इसी विकास खंड के शाहपुर कला गांव में 205 लोगों की जांच हुई। जिनमें छह लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बढ़ा जांच का दायरा, जल्द काबू होगा संक्रमण
जिले में सभी अधीक्षकों व शहर के नोडल अधिकारी को जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। उसी के तहत अब प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो रही है। जबकि पहले यही जांच 1500 से 1800 के बीच हो रही थी। निरंतर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही कोरोना संक्रमण काबू में आ जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीणों को जागरूक भी कर रहे हैं।
-डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ