{"_id":"59e63eca4f1c1b8e698b6506","slug":"181508261578-bahraich-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों की हड़ताल से फंस गए चार हजार आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों की हड़ताल से फंस गए चार हजार आवेदन
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार रात तक बैठ लेखपालों ने निपटा दिए तीन हजार के करीब प्रमाण पत्र
बहराइच। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर जिले के सभी लेखपालों ने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार शुरू कर दिया। सोमवार रात तक आए सभी आवेदनों को निस्तारित कर दिया गया है।
मगर मंगलवार को छह तहसीलों में आए चार हजार आवेदन फंस गए हैं। ऐसे में लोगों को तहसील का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।
लेखपालों ने मंगलवार से तहसील दिवस का बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिले के बहराइच सदर तहसील, महसी, कैसरगंज, नानपारा, मोतीपुर और पयागपुर तहसील में कार्य बहिष्कार के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
छह तहसीलों में सोमवार रात तक लगभग तीन हजार के करीब आवेदन पहुंच चुके थे। इन सभी आवेदनों को अग्रसारित करते हुए रिपोर्ट लेखपालों ने रात में बैठकर भेज दी है। पहले चरण में लेखपालों ने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार शुरू किया है।
सभी का कहना है कि लैपटॉप नहीं मिलने तक बहिष्कार जारी रखा जाएगा। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जयराज सिंह के अनुसार, मंगलवार तक लगभग चार हजार नये आवेदन आ चुके हैं। सिर्फ सदर तहसील में ही डेढ़ हजार के करीब आवेदन प्रतिदिन आते हैं।
काट रहे चक्कर, लेखपाल नहीं कर रहे काम
नानपारा तहसील क्षेत्र के ग्राम शिवपुर लालपुर निवासी रोहित वर्मा ने बताया कि उनको छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना था। जिसके कारण आय प्रमाण पत्र की जरूरत है। मगर लेखपालों की हड़ताल से काम बीच में लटक गया है।
मसूदनगर बसथनवा निवासी राजा बाबू ने बताया कि उनको जाति प्रमाण पत्र की जरूरत है। दो दिन पहले ही आवेदन किया था। अब प्रमाण पत्र कब मिलेगा। इसकी कोई सही जानकारी नहीं मिल रही है। ग्राम करौंदा निवासी सुखदेव वर्मा ने बताया कि उन्होंने निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।
मगर लेखपालों की हड़ताल ने सारा काम बीच में अटका दिया है। ग्राम असवा निवासी प्रद्युम्न वर्मा ने बताया कि उनको भी छात्रवृत्ति भरने के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत है। ऐसे में सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
विज्ञापन
बहराइच। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर जिले के सभी लेखपालों ने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार शुरू कर दिया। सोमवार रात तक आए सभी आवेदनों को निस्तारित कर दिया गया है।
मगर मंगलवार को छह तहसीलों में आए चार हजार आवेदन फंस गए हैं। ऐसे में लोगों को तहसील का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।
विज्ञापन
लेखपालों ने मंगलवार से तहसील दिवस का बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिले के बहराइच सदर तहसील, महसी, कैसरगंज, नानपारा, मोतीपुर और पयागपुर तहसील में कार्य बहिष्कार के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
छह तहसीलों में सोमवार रात तक लगभग तीन हजार के करीब आवेदन पहुंच चुके थे। इन सभी आवेदनों को अग्रसारित करते हुए रिपोर्ट लेखपालों ने रात में बैठकर भेज दी है। पहले चरण में लेखपालों ने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने का बहिष्कार शुरू किया है।
सभी का कहना है कि लैपटॉप नहीं मिलने तक बहिष्कार जारी रखा जाएगा। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जयराज सिंह के अनुसार, मंगलवार तक लगभग चार हजार नये आवेदन आ चुके हैं। सिर्फ सदर तहसील में ही डेढ़ हजार के करीब आवेदन प्रतिदिन आते हैं।
काट रहे चक्कर, लेखपाल नहीं कर रहे काम
नानपारा तहसील क्षेत्र के ग्राम शिवपुर लालपुर निवासी रोहित वर्मा ने बताया कि उनको छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना था। जिसके कारण आय प्रमाण पत्र की जरूरत है। मगर लेखपालों की हड़ताल से काम बीच में लटक गया है।
मसूदनगर बसथनवा निवासी राजा बाबू ने बताया कि उनको जाति प्रमाण पत्र की जरूरत है। दो दिन पहले ही आवेदन किया था। अब प्रमाण पत्र कब मिलेगा। इसकी कोई सही जानकारी नहीं मिल रही है। ग्राम करौंदा निवासी सुखदेव वर्मा ने बताया कि उन्होंने निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।
मगर लेखपालों की हड़ताल ने सारा काम बीच में अटका दिया है। ग्राम असवा निवासी प्रद्युम्न वर्मा ने बताया कि उनको भी छात्रवृत्ति भरने के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत है। ऐसे में सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।