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तेंदुए की तलाश में हथिनी जयमाला व चंपाकली ने की कांबिंग
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उर्रा (बहराइच)। हरखापुर गांव में तीन दिन पूर्व तेंदुए ने दो लोगों पर हमला किया था। इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी थी। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इस पर बुधवार को हथिनी जयमाला और चंपाकली के जरिये गांव में कांबिंग की गई लेकिन तेंदुए का पता नहीं लग सका। धर्मापुर रेंज अंतर्गत हरखापुर गाम पंचायत के खुटेहना और त्रिमुहानी में तीन दिन पूर्व तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था।
ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग वन विभाग से की। डीएफओ जीपी सिंह ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में खाबड़ व पिंजड़ा लगाया, लेकिन तेंदुआ कैद नहीं हुआ।
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एसडीओ यशवंत सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट से हथिनी जयमाला और चंपाकली को कांबिंग के लिए हरखापुर गांव भेजा गया।
गांव में वन क्षेत्राधिकारी एपी सिंह, वन दरोगा शरीफ अहमद समेत अन्य वनकर्मियों की अगुवाई में हाथियों ने कांबिंग की। इस दौरान तेंदुए के निशान नहीं मिले। उधर, हाथी को देखने के लिए ग्रामीण जुटे रहे।
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इस पर बुधवार को हथिनी जयमाला और चंपाकली के जरिये गांव में कांबिंग की गई लेकिन तेंदुए का पता नहीं लग सका। धर्मापुर रेंज अंतर्गत हरखापुर गाम पंचायत के खुटेहना और त्रिमुहानी में तीन दिन पूर्व तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था।
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ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग वन विभाग से की। डीएफओ जीपी सिंह ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में खाबड़ व पिंजड़ा लगाया, लेकिन तेंदुआ कैद नहीं हुआ।
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एसडीओ यशवंत सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट से हथिनी जयमाला और चंपाकली को कांबिंग के लिए हरखापुर गांव भेजा गया।
गांव में वन क्षेत्राधिकारी एपी सिंह, वन दरोगा शरीफ अहमद समेत अन्य वनकर्मियों की अगुवाई में हाथियों ने कांबिंग की। इस दौरान तेंदुए के निशान नहीं मिले। उधर, हाथी को देखने के लिए ग्रामीण जुटे रहे।