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बर्थ एक्सीसिया व बुखार से दो की मौत
Updated Thu, 22 Jun 2017 02:04 AM IST
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बर्थ एक्सीसिया व बुखार से दो की मौत
बहराइच। बर्थ एक्सपीसिया और बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती नवजात समेत दो रोगियों की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। वहीं विभिन्न संक्रामक रोगों से ग्रसित 16 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो रोगियों की हालत नाजुक है।
तराई में बदल रहे मौसम के बीच बर्थ एक्सपीसिया और बुखार मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। बलरामपुर के ललिया निवासी नीरजा (डेढ़) पुत्र लल्लू को तेज बुखार की स्थिति में बलरामपुर के डॉक्टरों ने जिला अस्पताल बहराइच रेफर किया था। दो दिन से इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान मासूम ने बुधवार की सुबह दम तोड़ दिया। उधर नानपारा के राजापुरवा गांव निवासी धर्मेेंद्र की पत्नी अनीता ने बुधवार को बेटे को जन्म दिया था। जन्म के दो घंटे बाद मासूम की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया। बर्थ एक्सपीसिया के चलते मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं उल्टी, दस्त, बुखार से पीड़ित और 16 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें धर्मेश (5) व विष्णु (7) निवासी हर्रैया की हालत गंभीर है। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा का कहना है कि दम तोड़ने वाले दोनों बच्चे काफी नाजुक हालत में थे। सहयोगी डॉक्टरों ने कोशिश की, लेकिन जिंदगी बचायी नहीं जा सकी।
यह है बर्थ एक्सपीसिया
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताय कि जन्म के बाद नवजात को सांस लेने में तकलीफ होती है। इसके साथ ही उसकी पाचन क्रिया भी बिगड़ जाती है। जिसके चलते ऑक्सीजन नवजात के मस्तिष्क में नहीं पहुंच पाती। इससे उसकी हालत बिगड़ती है। कभी-कभी गर्भ में बच्चा गंदा पानी पी जाता है। यह भी बर्थ एक्सपीसिया का कारण होता है।
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बहराइच। बर्थ एक्सपीसिया और बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती नवजात समेत दो रोगियों की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। वहीं विभिन्न संक्रामक रोगों से ग्रसित 16 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो रोगियों की हालत नाजुक है।
तराई में बदल रहे मौसम के बीच बर्थ एक्सपीसिया और बुखार मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। बलरामपुर के ललिया निवासी नीरजा (डेढ़) पुत्र लल्लू को तेज बुखार की स्थिति में बलरामपुर के डॉक्टरों ने जिला अस्पताल बहराइच रेफर किया था। दो दिन से इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान मासूम ने बुधवार की सुबह दम तोड़ दिया। उधर नानपारा के राजापुरवा गांव निवासी धर्मेेंद्र की पत्नी अनीता ने बुधवार को बेटे को जन्म दिया था। जन्म के दो घंटे बाद मासूम की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे चिल्ड्रेन वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया। बर्थ एक्सपीसिया के चलते मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं उल्टी, दस्त, बुखार से पीड़ित और 16 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें धर्मेश (5) व विष्णु (7) निवासी हर्रैया की हालत गंभीर है। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा का कहना है कि दम तोड़ने वाले दोनों बच्चे काफी नाजुक हालत में थे। सहयोगी डॉक्टरों ने कोशिश की, लेकिन जिंदगी बचायी नहीं जा सकी।
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यह है बर्थ एक्सपीसिया
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताय कि जन्म के बाद नवजात को सांस लेने में तकलीफ होती है। इसके साथ ही उसकी पाचन क्रिया भी बिगड़ जाती है। जिसके चलते ऑक्सीजन नवजात के मस्तिष्क में नहीं पहुंच पाती। इससे उसकी हालत बिगड़ती है। कभी-कभी गर्भ में बच्चा गंदा पानी पी जाता है। यह भी बर्थ एक्सपीसिया का कारण होता है।
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