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सीएचसी जरवल में मुख्यमंत्री सुपोषण घर का डीएम ने किया शुभारंभ
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बहराइच/जरवल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरवल (मुस्तफाबाद) में स्थापित मुख्यमंत्री सुपोषण घर का गुरुवार को जिलाधिकारी शंभु कुमार ने फीता काटकर कर शुभारंभ किया। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। इस दौरान नेत्र सहायक नेत्र परीक्षण के बारे में सही जानकारी नहीं दे सके। इस पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। डीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों का हाल भी पूछा।
सीएचसी मुस्तफाबाद में स्थापित मुख्यमंत्री सुपोषण घर का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद जिलाधिकारी ने यहां पर भर्ती बच्चों पूजा, अर्चना, हर्षित, तमन्ना व सहरीन का कुशल क्षेम जाना और उन्हें पोषण आहार का वितरण किया। इसके बाद डीएम ने सीएचसी का मुआयना किया। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी रुपाली सिंह ने बताया कि सुपोषण घर में भर्ती दो बच्चों हर्षित व पूजा में गंभीर बीमारी की पुष्टि होने पर उनके अभिभावकों को केजीएमयू लखनऊ अथवा बनारस में इलाज कराने की सलाह दी गयी है। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने बच्चों के इलाज में यथासंभव सहयोग भी प्रदान करने को कहा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि यदि जनपद के अन्य सुपोषण घरों में भर्ती किसी बच्चे में गंभीर बीमारी की पुष्टि हो तो उन्हें भी इलाज के लिए उचित परामर्श दें। जिलाधिकारी ने सीएचसी के निरीक्षण के दौरान लैब, टेलीमेडीसिन, ओपीडी, औषधि वितरण काउंटर, लेबर रूम, वैक्सीन रूम तथा वार्ड का निरीक्षण कर चिकित्सीय सेवाओं को देखा। नेत्र सहायक एसके रावत नेत्र परीक्षणों की संख्या व मरीजों को उपलब्ध कराये गये चश्मों की जानकारी नहीं दे सके। इस पर डीएम ने उनको प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
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चिकित्सालय भवन में सीलन व रंग रोगन की गुणवत्ता अच्छी न होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. निखिल सिंह को खंड विकास अधिकारी राम औतार सिंह से समन्वय कर सीलन की समस्या दूर कराने को कहा। उन्होंने अन्य व्यवस्थाओं के साथ पौधरोपण कराने पर बल दिया।
डीएम के सामने जेसीबी से हटाया गया अतिक्रमण
जिलाधिकारी ने सीएचसी की बाउंड्रीवाल से लगा अतिक्रमण देखा तो बिफर पड़े। उनके आपत्ति करने पर आननफानन में जेसीबी बुलवाकर तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस अवसर पर प्रभारी सीएमओ डॉ अजीत चंद्रा, उप जिलाधिकारी कैसरगंज रामजीत मौर्य आदि मौजूद रहे।
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सीएचसी मुस्तफाबाद में स्थापित मुख्यमंत्री सुपोषण घर का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद जिलाधिकारी ने यहां पर भर्ती बच्चों पूजा, अर्चना, हर्षित, तमन्ना व सहरीन का कुशल क्षेम जाना और उन्हें पोषण आहार का वितरण किया। इसके बाद डीएम ने सीएचसी का मुआयना किया। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी रुपाली सिंह ने बताया कि सुपोषण घर में भर्ती दो बच्चों हर्षित व पूजा में गंभीर बीमारी की पुष्टि होने पर उनके अभिभावकों को केजीएमयू लखनऊ अथवा बनारस में इलाज कराने की सलाह दी गयी है। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने बच्चों के इलाज में यथासंभव सहयोग भी प्रदान करने को कहा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि यदि जनपद के अन्य सुपोषण घरों में भर्ती किसी बच्चे में गंभीर बीमारी की पुष्टि हो तो उन्हें भी इलाज के लिए उचित परामर्श दें। जिलाधिकारी ने सीएचसी के निरीक्षण के दौरान लैब, टेलीमेडीसिन, ओपीडी, औषधि वितरण काउंटर, लेबर रूम, वैक्सीन रूम तथा वार्ड का निरीक्षण कर चिकित्सीय सेवाओं को देखा। नेत्र सहायक एसके रावत नेत्र परीक्षणों की संख्या व मरीजों को उपलब्ध कराये गये चश्मों की जानकारी नहीं दे सके। इस पर डीएम ने उनको प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
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चिकित्सालय भवन में सीलन व रंग रोगन की गुणवत्ता अच्छी न होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. निखिल सिंह को खंड विकास अधिकारी राम औतार सिंह से समन्वय कर सीलन की समस्या दूर कराने को कहा। उन्होंने अन्य व्यवस्थाओं के साथ पौधरोपण कराने पर बल दिया।
डीएम के सामने जेसीबी से हटाया गया अतिक्रमण
जिलाधिकारी ने सीएचसी की बाउंड्रीवाल से लगा अतिक्रमण देखा तो बिफर पड़े। उनके आपत्ति करने पर आननफानन में जेसीबी बुलवाकर तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस अवसर पर प्रभारी सीएमओ डॉ अजीत चंद्रा, उप जिलाधिकारी कैसरगंज रामजीत मौर्य आदि मौजूद रहे।