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उपचुनाव होना तय
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बहराइच। बलहा विधानसभा सीट पर पांच साल में लगातार दूसरी बार उपचुनाव होना तय हो गया है। वर्ष 2014 में बलहा विधायक सावित्री बाई फुले के सांसद निर्वाचित होने के बाद यहां उपचुनाव हुआ था। अबकी बार 2019 में भी भाजपा विधायक अक्षयबर लाल के जीतने के बाद बलहा में उपचुनाव तय हो गया है। हालांकि 2014 में हुए उपचुनाव में सपा ने जीत दर्ज कर ली थी। इस बार देखने वाला होगा कि बलहा की जनता किस दल को अपने सिर आंखों पर बैठाती है।
बलहा सीट से वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी अक्षयबर लाल गोंड ने जीत दर्ज की थी। इससे पूर्व यहां पर सपा के पूर्व राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध विधायक थे। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से सावित्री बाई फुले बलहा सीट से विधायक निर्वाचित हुई थीं।
बलहा सीट से विधायक बनने के बाद उनको भाजपा ने वर्ष 2014 में सांसद प्रत्याशी बना दिया था। उनकी जीत के बाद वर्ष 2014 में यहां पर उपचुनाव हुआ था। अबकी बार भाजपा से बागी होने के बाद पार्टी ने विधायक अक्षयबर लाल गोंड को सांसद पद का उम्मीदवार बनाया। इस बार भाजपा प्रत्याशी अक्षयबर लाल गोंड ने जीत दर्ज की।
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ऐसे में अबकी बार वर्ष 2019 में फिर से बलहा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय हो गया है। इस बार सूबे में भाजपा की सरकार भी है। ऐसे में उपचुनाव में बलहा की जनता किस पार्टी पर भरोसा जताती है, यह देखने वाला होगा।
फिर हारे शब्बीर अहमद
पूर्व विधायक शब्बीर अहमद बाल्मीकि लगातार कई बार से चुनाव हार रहे हैं। वर्ष 2012 में बलहा विधानसभा सीट से सपा से लड़ने के बाद भी उनको हार का सामना करना पड़ा था। जबकि प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सपा की सरकार बनी थी। वहीं वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी उनको हार का मुंह देखना पड़ा। अब वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उनकी हार के बाद पार्टी में उनकी साख को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
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बलहा सीट से वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी अक्षयबर लाल गोंड ने जीत दर्ज की थी। इससे पूर्व यहां पर सपा के पूर्व राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध विधायक थे। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से सावित्री बाई फुले बलहा सीट से विधायक निर्वाचित हुई थीं।
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बलहा सीट से विधायक बनने के बाद उनको भाजपा ने वर्ष 2014 में सांसद प्रत्याशी बना दिया था। उनकी जीत के बाद वर्ष 2014 में यहां पर उपचुनाव हुआ था। अबकी बार भाजपा से बागी होने के बाद पार्टी ने विधायक अक्षयबर लाल गोंड को सांसद पद का उम्मीदवार बनाया। इस बार भाजपा प्रत्याशी अक्षयबर लाल गोंड ने जीत दर्ज की।
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ऐसे में अबकी बार वर्ष 2019 में फिर से बलहा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय हो गया है। इस बार सूबे में भाजपा की सरकार भी है। ऐसे में उपचुनाव में बलहा की जनता किस पार्टी पर भरोसा जताती है, यह देखने वाला होगा।
फिर हारे शब्बीर अहमद
पूर्व विधायक शब्बीर अहमद बाल्मीकि लगातार कई बार से चुनाव हार रहे हैं। वर्ष 2012 में बलहा विधानसभा सीट से सपा से लड़ने के बाद भी उनको हार का सामना करना पड़ा था। जबकि प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सपा की सरकार बनी थी। वहीं वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी उनको हार का मुंह देखना पड़ा। अब वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उनकी हार के बाद पार्टी में उनकी साख को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।