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दरगाह का जेठ मेला आज से, तैयारियां पूरी
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर लगने वाला जेठ मेला गुरुवार भोर से कुरआनख्वानी के साथ शुरू हो जाएगा। दरगाह प्रबंध समिति बिजली, पानी और जायरीन के ठहरने का मुकम्मल इंतजाम होने का दावा कर रहा है। मेले में विभिन्न जनपदों के जायरीन जत्थों में पहुंच रहे हैं।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर प्रतिवर्ष जेठ मेला लगता है। इस वर्ष भी गुरुवार से जेठ मेले की शुरुआत हो रही है। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि गुरुवार भोर से मेले का आगाज होगा। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कहा कि कुरआनख्वानी के साथ सुबह मजारशरीफ पर चादरपोशी की जाएगी।
फूल चढ़ाए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न जिलों से आने वाले अकीदतमंदों की जियारत के लिए मजार शरीफ का दरवाजा खोल दिया जाएगा। कहा कि निशान लेकर आने वाले जायरीन पूर्वी गेट से प्रवेश पा सकेंगे जबकि पलंग पीढ़ी के साथ आने वाले सामान्य जायरीन जंजीरी गेट से होकर मजार शरीफ पर पहुंचेंगे।
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कहा कि दरगाह के खादिम और खुद्दामों को उनकी ड्यूटी समझा दी गई है। इसके अलावा बिजली, पानी की व्यवस्थाएं भी मुकम्मल कर ली गई हैं। भीषण गर्मी के चलते 250 स्टैंडपोश मेला परिसर में लगाए गए हैं।
इसके अलावा पर्याप्त तादाद में इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं ताकि पीने के पानी की किल्लत न हो। हर 10 मीटर पर प्रकाश व्यवस्था के लिए बल्ब और राड लगाए गए हैं। अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि गुरुवार को मेले की अनौपचारिक शुरुआत होगी जबकि मुख्य मेला 26 मई रविवार को होगा।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद व प्रबंध समिति सदस्य बच्चेभारती ने बताया कि मुख्य मेले के दिन पूर्वांचल के अलावा विभिन्न प्रांतों के जनपदों से 600 से अधिक बारातें दरगाह शरीफ आएंगी जो परंपरा का निवर्हन करेंगी। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर प्रतिवर्ष जेठ मेला लगता है। इस वर्ष भी गुरुवार से जेठ मेले की शुरुआत हो रही है। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद शमशाद अहमद ने बताया कि गुरुवार भोर से मेले का आगाज होगा। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कहा कि कुरआनख्वानी के साथ सुबह मजारशरीफ पर चादरपोशी की जाएगी।
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फूल चढ़ाए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न जिलों से आने वाले अकीदतमंदों की जियारत के लिए मजार शरीफ का दरवाजा खोल दिया जाएगा। कहा कि निशान लेकर आने वाले जायरीन पूर्वी गेट से प्रवेश पा सकेंगे जबकि पलंग पीढ़ी के साथ आने वाले सामान्य जायरीन जंजीरी गेट से होकर मजार शरीफ पर पहुंचेंगे।
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कहा कि दरगाह के खादिम और खुद्दामों को उनकी ड्यूटी समझा दी गई है। इसके अलावा बिजली, पानी की व्यवस्थाएं भी मुकम्मल कर ली गई हैं। भीषण गर्मी के चलते 250 स्टैंडपोश मेला परिसर में लगाए गए हैं।
इसके अलावा पर्याप्त तादाद में इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं ताकि पीने के पानी की किल्लत न हो। हर 10 मीटर पर प्रकाश व्यवस्था के लिए बल्ब और राड लगाए गए हैं। अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि गुरुवार को मेले की अनौपचारिक शुरुआत होगी जबकि मुख्य मेला 26 मई रविवार को होगा।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद व प्रबंध समिति सदस्य बच्चेभारती ने बताया कि मुख्य मेले के दिन पूर्वांचल के अलावा विभिन्न प्रांतों के जनपदों से 600 से अधिक बारातें दरगाह शरीफ आएंगी जो परंपरा का निवर्हन करेंगी। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।