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घाघरा ने पार किया लाल निशान, गांवों में भरा पानी
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:48 AM IST
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महसी (बहराइच)। घाघरा रविवार को लाल निशान पार कर गई। नदी खतरे के निशान से करीब एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गांवों में पानी घुसना शुरू हो गया है।
चपेट में आने वाले ग्रामीण अपना आशियाना उजाड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। नेपाल से छोड़े जा रहे बरसात के पानी के कारण नदी का जलस्तर कम नहीं हो रहा है।
कटान तेज हो रही है। गोलागंज के कोठार में प्राचीन शिव मंदिर नदी के मुहाने पर आ गया है। गांव में एक आम की बाग व खेत को काटते हुए नदी तेजी से आगे बढ़ रही है। 80 बीघा खेत को नदी ने लील लिया है।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण घाघरा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मुताबिक एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी में पानी बढ़ रहा है।
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घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने के कारण महसी और जरवलरोड क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में दहशत है।
महसी तहसील क्षेत्र के गोलागंज के मजरा कोठार में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। कोठार गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर घाघरा नदी के मुहाने पर पहुंच गया है।
गांव निवासी कृपाराम वर्मा के आम की बाग को कटान करते हुए नदी ने समाहित कर लिया है। महसी तहसील क्षेत्र के जरमापुर, मांझा दरिया बुर्द, चुरईपुरवा, कायमपुर, पिपरी, पिपरा आदि गांवों में बाढ़ का पानी भी घुसना शुरू हो गया है।
3.22 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के बाद बैराजों से घाघरा नदी में पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। रविवार को दोपहर 12 बजे तक गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 13 हजार, शारदा बैराज से एक लाख 25 हजार और बनबसा बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
जारी किया गया अलर्ट
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिल रही है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा में पानी बढ़ रहा है। सभी तहसील के एसडीएम को कर्मचारियों को अलर्ट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद हैं।
-रामसुरेश वर्मा, एडीएम
एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान- 106.02 मीटर
एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर- 106.086 मीटर
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चपेट में आने वाले ग्रामीण अपना आशियाना उजाड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। नेपाल से छोड़े जा रहे बरसात के पानी के कारण नदी का जलस्तर कम नहीं हो रहा है।
कटान तेज हो रही है। गोलागंज के कोठार में प्राचीन शिव मंदिर नदी के मुहाने पर आ गया है। गांव में एक आम की बाग व खेत को काटते हुए नदी तेजी से आगे बढ़ रही है। 80 बीघा खेत को नदी ने लील लिया है।
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नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण घाघरा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मुताबिक एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी में पानी बढ़ रहा है।
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घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने के कारण महसी और जरवलरोड क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में दहशत है।
महसी तहसील क्षेत्र के गोलागंज के मजरा कोठार में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। कोठार गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर घाघरा नदी के मुहाने पर पहुंच गया है।
गांव निवासी कृपाराम वर्मा के आम की बाग को कटान करते हुए नदी ने समाहित कर लिया है। महसी तहसील क्षेत्र के जरमापुर, मांझा दरिया बुर्द, चुरईपुरवा, कायमपुर, पिपरी, पिपरा आदि गांवों में बाढ़ का पानी भी घुसना शुरू हो गया है।
3.22 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बरसात के बाद बैराजों से घाघरा नदी में पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। रविवार को दोपहर 12 बजे तक गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 13 हजार, शारदा बैराज से एक लाख 25 हजार और बनबसा बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
जारी किया गया अलर्ट
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिल रही है। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा में पानी बढ़ रहा है। सभी तहसील के एसडीएम को कर्मचारियों को अलर्ट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद हैं।
-रामसुरेश वर्मा, एडीएम
एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान- 106.02 मीटर
एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर- 106.086 मीटर