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2.10 लाख लोगों को पेंशन का इंतजार, हो रही मुश्किलें
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:47 PM IST
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बहराइच। सपा सरकार में कई पेंशन योजनाएं लागू की गई थीं। इनमें वृद्धावस्था, विधवा, निराश्रितों के साथ अन्य योजनाएं थीं। योगी सरकार के आते ही पेंशन पाने वाले पात्रों का सत्यापन कराने का फरमान जारी किया गया। इससे सभी की पेंशन रोक दी गई। दो माह से ज्यादा का वक्त बीत रहा है लेकिन अब तक सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हुआ है। जिले के 2.10 लाख पेंशनधारक परेशान हैं। इनमें कई पेंशनधारकों का घर पेंशन की राशि से ही चलता था। उनकी दुश्वारियां बढ़ गई हैं। वहीं समाजवादी पेंशन बंद किए जाने से 99 हजार पेंशनधारक असमंजस में हैं।
समाजवादी सरकार में पेंशन योजनाओं का लक्ष्य बढ़ा दिया गया था। इसमें आनन-फानन में वृद्धा, विधवा, निराश्रित और दिव्यांग पेंशन योजनाओं को शामिल किया गया था। इनमें करीब 70 हजार वृद्धावस्था पेंशनधारक थे जबकि 15 हजार दिव्यांग और आठ हजार के करीब विधवा व निराश्रित थे। सपा सरकार ने बीते साल समाजवादी पेंशन योजना भी शुरू की थी जिसमें लगभग 99 हजार 856 लोगों को पेंशन दी जा रही थी। पेंशन योजनाओं के बढ़े लक्ष्य के बाद ग्राम पंचायतों से अपात्रों व सपा कार्यकर्ताओं को पेंशन देने के आरोप लगने लगे थे। इसे लेकर सूबे की योगी सरकार ने सभी पेंशन धारकों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। लेकिन सत्यापन का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। लगभग सात माह से पेंशन के लिए लोग चक्कर काट रहे हैं। चार सौ रुपये प्रतिमाह की दर से त्रैमासिक पेंशन दी जा रही थी जिससे कई गरीब परिवारों का घर चल रहा था। मगर अपात्रों की जांच में उन्हें भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सात माह से काट रही चक्कर
विकास खंड चित्तौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बारा पत्थर निवासी बित्तन वृद्धावस्था पेंशन पाती थीं। वह शनिवार को समाज कल्याण कार्यालय में पेंशन के बारे में जानकारी करने पहुंची। तो पता चला कि अभी पेंशन नहीं आई है। बताया कि सात माह पूर्व खाते में पेंशन आई थी। तब से पेंशन नहीं मिली है। वहीं शहर के काजी कटरा निवासी शाहिना ने बताया कि उनको समाजवादी पेंशन मिलती थी। मगर अब उनको पेंशन बंद होने की जानकारी दी जा रही है। गरीब होने के कारण पेंशन नहीं आने से अब घर चलाना मुश्किल हो गया है।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन कराया जा रहा है। शहरी इलाकों में लेखपाल और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास व पंचायत अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन का काम जारी है। सत्यापन अंतिम चरण में है। सरकार की ओर से पेंशन भेजे जाते ही सभी को जानकारी दे दी जाएगी। समाजवादी पेंशन योजना को सरकार ने बंद कर दिया है। - डीके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बहराइच
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समाजवादी सरकार में पेंशन योजनाओं का लक्ष्य बढ़ा दिया गया था। इसमें आनन-फानन में वृद्धा, विधवा, निराश्रित और दिव्यांग पेंशन योजनाओं को शामिल किया गया था। इनमें करीब 70 हजार वृद्धावस्था पेंशनधारक थे जबकि 15 हजार दिव्यांग और आठ हजार के करीब विधवा व निराश्रित थे। सपा सरकार ने बीते साल समाजवादी पेंशन योजना भी शुरू की थी जिसमें लगभग 99 हजार 856 लोगों को पेंशन दी जा रही थी। पेंशन योजनाओं के बढ़े लक्ष्य के बाद ग्राम पंचायतों से अपात्रों व सपा कार्यकर्ताओं को पेंशन देने के आरोप लगने लगे थे। इसे लेकर सूबे की योगी सरकार ने सभी पेंशन धारकों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। लेकिन सत्यापन का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। लगभग सात माह से पेंशन के लिए लोग चक्कर काट रहे हैं। चार सौ रुपये प्रतिमाह की दर से त्रैमासिक पेंशन दी जा रही थी जिससे कई गरीब परिवारों का घर चल रहा था। मगर अपात्रों की जांच में उन्हें भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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सात माह से काट रही चक्कर
विकास खंड चित्तौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बारा पत्थर निवासी बित्तन वृद्धावस्था पेंशन पाती थीं। वह शनिवार को समाज कल्याण कार्यालय में पेंशन के बारे में जानकारी करने पहुंची। तो पता चला कि अभी पेंशन नहीं आई है। बताया कि सात माह पूर्व खाते में पेंशन आई थी। तब से पेंशन नहीं मिली है। वहीं शहर के काजी कटरा निवासी शाहिना ने बताया कि उनको समाजवादी पेंशन मिलती थी। मगर अब उनको पेंशन बंद होने की जानकारी दी जा रही है। गरीब होने के कारण पेंशन नहीं आने से अब घर चलाना मुश्किल हो गया है।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन कराया जा रहा है। शहरी इलाकों में लेखपाल और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास व पंचायत अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन का काम जारी है। सत्यापन अंतिम चरण में है। सरकार की ओर से पेंशन भेजे जाते ही सभी को जानकारी दे दी जाएगी। समाजवादी पेंशन योजना को सरकार ने बंद कर दिया है। - डीके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बहराइच