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Bahraich News: जिले में 1277 सीएससी आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक
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सीएससी जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार मिश्रा।
बहराइच। जिले में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के खिलाफ विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मिले निर्देशों के क्रम में जिले के करीब 1277 जन सेवा केंद्रों की सीएससी आईडी अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दी गई हैं।
सीएससी के जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रबंधन के निर्देश पर जिले के केंद्रों का ग्राउंड लेवल सत्यापन कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य पोर्टल पर दर्ज केंद्रों के विवरण और मौके पर उनकी वास्तविक स्थिति का मिलान करना है। सत्यापन के बाद ही केंद्रों की आईडी को नियमानुसार पुन: सक्रिय किया जाएगा। जिला प्रबंधक ने सीएससी संचालकों से अपील की है कि वे अपने केंद्र को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें और सीएससी का संचालन केवल स्वीकृत लोकेशन से ही करें।
इसलिए जरूरी है भौतिक सत्यापन
विभागीय जानकारी के अनुसार, सत्यापन के दौरान कुछ केंद्र ऐसे पाए गए हैं जो पोर्टल पर दर्ज स्वीकृत स्थान से अलग जगह पर संचालित हो रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में पोर्टल पर दर्ज विवरण और मौके की स्थिति में अंतर की बात भी सामने आई है। ऐसे केंद्रों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए भौतिक सत्यापन जरूरी किया गया है।
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इन औपचारिकताओं को करना होगा पूरा
सत्यापन के दौरान सीएससी संचालकों को स्वीकृत लोकेशन, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित ब्रांडिंग और केंद्र की वर्तमान स्थिति से संबंधित फोटो उपलब्ध करानी होगी। इसके आधार पर सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर विभागीय स्तर पर भेजी जाएगी। निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले केंद्रों की आईडी को प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुन: सक्रिय किया जाएगा।
गंभीर अनियमितता पर स्थायी कार्रवाई संभव
विभागीय स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि भौतिक सत्यापन के दौरान यदि किसी केंद्र में गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित सीएससी आईडी को नियमानुसार स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। ऐसे में प्रत्येक केंद्र की वास्तविक स्थिति सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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सीएससी के जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रबंधन के निर्देश पर जिले के केंद्रों का ग्राउंड लेवल सत्यापन कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य पोर्टल पर दर्ज केंद्रों के विवरण और मौके पर उनकी वास्तविक स्थिति का मिलान करना है। सत्यापन के बाद ही केंद्रों की आईडी को नियमानुसार पुन: सक्रिय किया जाएगा। जिला प्रबंधक ने सीएससी संचालकों से अपील की है कि वे अपने केंद्र को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें और सीएससी का संचालन केवल स्वीकृत लोकेशन से ही करें।
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इसलिए जरूरी है भौतिक सत्यापन
विभागीय जानकारी के अनुसार, सत्यापन के दौरान कुछ केंद्र ऐसे पाए गए हैं जो पोर्टल पर दर्ज स्वीकृत स्थान से अलग जगह पर संचालित हो रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में पोर्टल पर दर्ज विवरण और मौके की स्थिति में अंतर की बात भी सामने आई है। ऐसे केंद्रों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए भौतिक सत्यापन जरूरी किया गया है।
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इन औपचारिकताओं को करना होगा पूरा
सत्यापन के दौरान सीएससी संचालकों को स्वीकृत लोकेशन, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित ब्रांडिंग और केंद्र की वर्तमान स्थिति से संबंधित फोटो उपलब्ध करानी होगी। इसके आधार पर सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर विभागीय स्तर पर भेजी जाएगी। निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले केंद्रों की आईडी को प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुन: सक्रिय किया जाएगा।
गंभीर अनियमितता पर स्थायी कार्रवाई संभव
विभागीय स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि भौतिक सत्यापन के दौरान यदि किसी केंद्र में गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित सीएससी आईडी को नियमानुसार स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। ऐसे में प्रत्येक केंद्र की वास्तविक स्थिति सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।