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बहराइच के 12,758 नौनिहाल कुपोषित
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 16 Dec 2015 09:53 PM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले के नौनिहाल कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना की टीम ने जिले के छह सौ विद्यालयों के 3 लाख 86 हजार 435 नौनिहालों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया।
इसमें 12 हजार 758 बच्चे कुपोषित मिले हैं, जबकि 2845 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए रेफर किया गया है। इनमें अधिकतर बच्चों में खून की कमी पाई गई है।
आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विभाग द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में दो टीम तैनात की गई, जिसमें एमबीबीएस डॉक्टर, एएनएम, डेंटल डॉक्टर व ऑप्टोमेट्रिस्ट शामिल हैं।
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बच्चों के सेहत की जांच के लिए 42 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। योजना में 6405 स्कूलों को शामिल किया गया, जिसमें 5 लाख 46 हजार 325 बच्चों की सेहत जांचने का लक्ष्य रखा गया। लेकिन, दिसंबर तक मात्र तीन लाख 86 हजार 435 बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा सका है।
स्वास्थ्य परीक्षण में चौंकाने वाले परिणाम प्राप्त हुए हैं। टीम के मुताबिक 12 हजार 758 बच्चे कुपोषण के चंगुल में पाए गए हैं। जिनमें 2845 बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
जबकि 9 हजार 913 बच्चों को मौके पर उपचारित किया गया। यह आंकड़े तो बानगी भर हैं। अभी भी लक्ष्य के सापेक्ष 30 फीसदी बच्चों की सेहत जांची जानी बाकी है। इनकी सेहत के जांच के बाद ही वास्तविक कुपोषित बच्चों की संख्या मालूम हो सकेगी।
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इसमें 12 हजार 758 बच्चे कुपोषित मिले हैं, जबकि 2845 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए रेफर किया गया है। इनमें अधिकतर बच्चों में खून की कमी पाई गई है।
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आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विभाग द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में दो टीम तैनात की गई, जिसमें एमबीबीएस डॉक्टर, एएनएम, डेंटल डॉक्टर व ऑप्टोमेट्रिस्ट शामिल हैं।
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बच्चों के सेहत की जांच के लिए 42 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। योजना में 6405 स्कूलों को शामिल किया गया, जिसमें 5 लाख 46 हजार 325 बच्चों की सेहत जांचने का लक्ष्य रखा गया। लेकिन, दिसंबर तक मात्र तीन लाख 86 हजार 435 बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा सका है।
स्वास्थ्य परीक्षण में चौंकाने वाले परिणाम प्राप्त हुए हैं। टीम के मुताबिक 12 हजार 758 बच्चे कुपोषण के चंगुल में पाए गए हैं। जिनमें 2845 बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
जबकि 9 हजार 913 बच्चों को मौके पर उपचारित किया गया। यह आंकड़े तो बानगी भर हैं। अभी भी लक्ष्य के सापेक्ष 30 फीसदी बच्चों की सेहत जांची जानी बाकी है। इनकी सेहत के जांच के बाद ही वास्तविक कुपोषित बच्चों की संख्या मालूम हो सकेगी।