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जंगल में अठखेलियां
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:02 PM IST
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बहराइच। कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में धूप निकलने के बाद वन्यजीव अठखेलियां करते दिख रहे हैं। सोमवार को कड़ाके की ठंड के बाद सूरज के चमकने पर चीतल कतर्नियाघाट रेंज में कंगारूओं की तरह दो पैर पर अठखेलियां करते दिखाई पड़े। जंगल का भ्रमण करने पहुंचे फ्रेंड्स क्लब के सदस्यों ने इस नजारे को कैमरे में कैद किया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र सात रेंजों में बंटा हुआ है। 15 नवंबर को जंगल खुलने के बाद से पर्यटक निरंतर कतर्नियाघाट पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के आगमन से थारूहट और वन विश्राम की बुकिंग फुल चल रही है। लेकिन इस बार पर्यटक काफी रोमांचित हो रहे हैं। सोमवार को फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी की अगुवाई में क्लब के पदाधिकारी व सदस्य जंगल के भ्रमण पर पहुंचे। अध्यक्ष लखमानी ने बताया कि कतर्नियाघाट रेंज में गेरुआ नदी के किनारे स्थित तटबंध से उतरकर जब टीम अपने विशेष वाहन से घने जंगल में सीमेंट टॉवर की ओर बढ़ी तो टॉवर के निकट स्थित मजार के सामने झाड़ियों से निकलकर चीतलों का झुंड धूप सेंकता दिखा। इस दौरान दो चीतल कंगारुओं की तरह दो पैर पर खड़े होकर अठखेलियां करने लगे। प्रभागीय वन अधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि जो चित्र कैमरे में कैद हुआ है। वह काफी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि चीतलों की अठखेलियों से लग रहा है कि जंगल में दुर्लभ वन्यजीवों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है।
चिकित्सक ने रात में देखा बाघ
जिले के वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएन त्रिपाठी रविवार को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के भ्रमण पर जंगल गए थे। उन्होंने बताया कि कतर्नियाघाट रेंज में तटबंध पर झील के पास रास्ते पर सामने अचानक बाघ आ गया। लेकिन जब तक कार की रोशनी बंद की जाती। तब तक बाघ तटबंध से नीचे उतर गया। हालांकि यह दुर्लभ क्षण भी चिकित्सक डॉ. त्रिपाठी के कैमरे में वीडियो के रूप में कैद हुआ।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र सात रेंजों में बंटा हुआ है। 15 नवंबर को जंगल खुलने के बाद से पर्यटक निरंतर कतर्नियाघाट पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के आगमन से थारूहट और वन विश्राम की बुकिंग फुल चल रही है। लेकिन इस बार पर्यटक काफी रोमांचित हो रहे हैं। सोमवार को फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी की अगुवाई में क्लब के पदाधिकारी व सदस्य जंगल के भ्रमण पर पहुंचे। अध्यक्ष लखमानी ने बताया कि कतर्नियाघाट रेंज में गेरुआ नदी के किनारे स्थित तटबंध से उतरकर जब टीम अपने विशेष वाहन से घने जंगल में सीमेंट टॉवर की ओर बढ़ी तो टॉवर के निकट स्थित मजार के सामने झाड़ियों से निकलकर चीतलों का झुंड धूप सेंकता दिखा। इस दौरान दो चीतल कंगारुओं की तरह दो पैर पर खड़े होकर अठखेलियां करने लगे। प्रभागीय वन अधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि जो चित्र कैमरे में कैद हुआ है। वह काफी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि चीतलों की अठखेलियों से लग रहा है कि जंगल में दुर्लभ वन्यजीवों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है।
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चिकित्सक ने रात में देखा बाघ
जिले के वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएन त्रिपाठी रविवार को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के भ्रमण पर जंगल गए थे। उन्होंने बताया कि कतर्नियाघाट रेंज में तटबंध पर झील के पास रास्ते पर सामने अचानक बाघ आ गया। लेकिन जब तक कार की रोशनी बंद की जाती। तब तक बाघ तटबंध से नीचे उतर गया। हालांकि यह दुर्लभ क्षण भी चिकित्सक डॉ. त्रिपाठी के कैमरे में वीडियो के रूप में कैद हुआ।
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