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साधु मिल जाए तो मन मैल उतर जाता है
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:04 AM IST
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...साधु संगत मिले तो जीवन संवर जाता है
गोविंदापुर में संत समागम और जवाबी कीर्तन का आयोजन
बहराइच। चित्तौरा के गोविंदापुर गांव में पांच दिवसीय संत समागम और जवाबी कीर्तन का आयोजन हुआ। इस मौके पर लखनऊ के कीर्तनकार के भजन और कीर्तन पर लोग झूम उठे। सोमवार को भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
चित्तौरा के गोविंदापुर गांव में आयोजित पांच दिवसीय संत समागम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई थी। संत समागम के साथ ही प्रवचन और कीर्तन व पूजा अर्चना का दौर पांच दिनों तक चला। रविवार को जवाबी कीर्तन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि जन कल्याण संरक्षण एसोसिएशन की महिला प्रदेश अध्यक्ष सरिता पटेल रहीं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संतों की संगत से जीवन को धन्य बनाया जा सकता है। इसके बाद लखनऊ से आई रोशनी अंजान एंड पार्टी के संचालक सीताराम साहू की अगुवाई में भजन और कीर्तन का दौर शुरू हुआ। जब उन्होंने गाया साधु मिल जाए तो मन का मैल उतर उतर जाता है, साधु संगत मिले तो जीवन संवर जाता है, पर खूब तालियां बजीं। लोग झूम उठे। गौरतलब हो कि संत समागम कार्यक्रम में अयोध्या, मिर्जापुर, मस्कनवा, गोंडा, पयागपुर, लखीमपुर, नेपाल क्षेत्र के दो हजार से अधिक संत एकत्रित हुए। कार्यक्रम संचालक रामजानकी मंदिर के पुजारी भरुहा बाबा रहे। रसूलपुर सरैंया, कुसौर, गोविंदापुर समेत पांच गांवों के लोगों नेप्रतिभाग किया। आयोजक आशाराम, सुरेश वर्मा, मुनीम आदि ने बताया कि सोमवार को भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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गोविंदापुर में संत समागम और जवाबी कीर्तन का आयोजन
बहराइच। चित्तौरा के गोविंदापुर गांव में पांच दिवसीय संत समागम और जवाबी कीर्तन का आयोजन हुआ। इस मौके पर लखनऊ के कीर्तनकार के भजन और कीर्तन पर लोग झूम उठे। सोमवार को भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
चित्तौरा के गोविंदापुर गांव में आयोजित पांच दिवसीय संत समागम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई थी। संत समागम के साथ ही प्रवचन और कीर्तन व पूजा अर्चना का दौर पांच दिनों तक चला। रविवार को जवाबी कीर्तन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि जन कल्याण संरक्षण एसोसिएशन की महिला प्रदेश अध्यक्ष सरिता पटेल रहीं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संतों की संगत से जीवन को धन्य बनाया जा सकता है। इसके बाद लखनऊ से आई रोशनी अंजान एंड पार्टी के संचालक सीताराम साहू की अगुवाई में भजन और कीर्तन का दौर शुरू हुआ। जब उन्होंने गाया साधु मिल जाए तो मन का मैल उतर उतर जाता है, साधु संगत मिले तो जीवन संवर जाता है, पर खूब तालियां बजीं। लोग झूम उठे। गौरतलब हो कि संत समागम कार्यक्रम में अयोध्या, मिर्जापुर, मस्कनवा, गोंडा, पयागपुर, लखीमपुर, नेपाल क्षेत्र के दो हजार से अधिक संत एकत्रित हुए। कार्यक्रम संचालक रामजानकी मंदिर के पुजारी भरुहा बाबा रहे। रसूलपुर सरैंया, कुसौर, गोविंदापुर समेत पांच गांवों के लोगों नेप्रतिभाग किया। आयोजक आशाराम, सुरेश वर्मा, मुनीम आदि ने बताया कि सोमवार को भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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