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गांव में एक घंटे घूमता रहा बाघ
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:48 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। जंगल से भटकर बुधवार दोपहर एक बाघ कतर्नियाघाट गांव पहुंच गया। बाघ को देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। सभी ने घर में घुसकर जान बचाई।
लगभग एक घंटे तक बाघ गांव में घूमता रहा। ग्रामीणों के शोर मचाने पर एसएसबी जवानों ने हांका लगाना शुरू किया। तब बाघ जंगल की ओर गया।
कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत कतर्नियाघाट गांव है। बुधवार को जंगल से एक बाघ गांव में पहुंच गया। लोगों ने आननफानन में घर में घुसकर जान बचाई। चीख पुकार मच गई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
ग्रामीणों की चीख पुकार सुनकर सौ मीटर की दूरी पर स्थित कतर्नियाघाट एसएसबी कैंप के जवान मदद को आगे बढ़े लेकिन गांव में बाघ को उछलते देख सभी सहम गए।
एसएसबी के जवानों ने हांका लगाना शुरू किया। लगभग एक घंटे तक बाघ गांव में उछलता कूदता रहा। बाघ के जंगल की ओर जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
वन कर्मियों की टीम गठित कर कांबिंग करवाई जा रही है। गांव के लोगों को सजग रहने की जरूरत है। ग्रामीणों को पटाखे बांटे गए हैं। बाघ के पुन: आने पर सामना करने के बजाय हांका लगाते हुए पटाखे दागने को कहा गया है।
-पियूष श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी
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लगभग एक घंटे तक बाघ गांव में घूमता रहा। ग्रामीणों के शोर मचाने पर एसएसबी जवानों ने हांका लगाना शुरू किया। तब बाघ जंगल की ओर गया।
कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत कतर्नियाघाट गांव है। बुधवार को जंगल से एक बाघ गांव में पहुंच गया। लोगों ने आननफानन में घर में घुसकर जान बचाई। चीख पुकार मच गई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
ग्रामीणों की चीख पुकार सुनकर सौ मीटर की दूरी पर स्थित कतर्नियाघाट एसएसबी कैंप के जवान मदद को आगे बढ़े लेकिन गांव में बाघ को उछलते देख सभी सहम गए।
एसएसबी के जवानों ने हांका लगाना शुरू किया। लगभग एक घंटे तक बाघ गांव में उछलता कूदता रहा। बाघ के जंगल की ओर जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
वन कर्मियों की टीम गठित कर कांबिंग करवाई जा रही है। गांव के लोगों को सजग रहने की जरूरत है। ग्रामीणों को पटाखे बांटे गए हैं। बाघ के पुन: आने पर सामना करने के बजाय हांका लगाते हुए पटाखे दागने को कहा गया है।
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-पियूष श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी