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मंदिर समेत 18 मकान घाघरा में समाए
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:36 AM IST
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बहराइच। तराई व नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी वर्षा के चलते घाघरा नदी उफान पर आ गई है। नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर पहुंच गई है। कटान भी तेज हो गई है। शुक्रवार को नदी ने तेज कटान करते हुए गोलागंज गांव में सम्मय माता मंदिर समेत 18 मकानों को लील लिया।
कटान की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी ने बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। नदी के जलस्तर में निरंतर इजाफा हो रहा है। क्षेत्रीय लेखपालों को कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
तराई में मानसून की दस्तक के बाद भारी वर्षा का दो दिन पूर्व शुरू हुआ दौर जारी है। दो दिन से वर्षा थम नहीं रही है। उधर नेपाल की नदियां उफान पर आ गई हैं।
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उसी के चलते घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। नदी खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर बह रही है। महसी क्षेत्र में नदी ने गोलांगज गांव को निशाने पर ले लिया है। नदी ने तेज कटान करते हुए शुक्रवार को गोलागंज गांव में स्थित अति प्राचीन सम्मय माता मंदिर को आगोश में ले लिया। वहीं कोठार गांव में 18 मकानों को लील लिया है।
जबकि नगेशरपुरवा में 6 घर मुहाने पर हैं। इनमेें गोबरे, प्यारे, हरि प्रसाद, बुद्धि, बैधू, मोलहे आदि के मकान शामिल हैं। सभी मकान उजाड़कर पलायन की तैयारी में हैं। 50 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है। इस समय नदी गांव निवासी बेचई, महाराज, बलबीर, बिहारी, और ननकऊ आदि के खेती योग्य जमीन में कटान कर रही है।
नदी में जलस्तर बढ़ने और शुरू हुई कटान की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मौके का निरीक्षण किया है। उपजिलाधिकारी ने अन्य ग्रामीणों को सजग रहने के भी निर्देश दिए हैं। क्षेत्रीय लेखपालों को गांवों में कैप कर नजर रखने को कहा गया है।
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कटान की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी ने बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। नदी के जलस्तर में निरंतर इजाफा हो रहा है। क्षेत्रीय लेखपालों को कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
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तराई में मानसून की दस्तक के बाद भारी वर्षा का दो दिन पूर्व शुरू हुआ दौर जारी है। दो दिन से वर्षा थम नहीं रही है। उधर नेपाल की नदियां उफान पर आ गई हैं।
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उसी के चलते घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। नदी खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर बह रही है। महसी क्षेत्र में नदी ने गोलांगज गांव को निशाने पर ले लिया है। नदी ने तेज कटान करते हुए शुक्रवार को गोलागंज गांव में स्थित अति प्राचीन सम्मय माता मंदिर को आगोश में ले लिया। वहीं कोठार गांव में 18 मकानों को लील लिया है।
जबकि नगेशरपुरवा में 6 घर मुहाने पर हैं। इनमेें गोबरे, प्यारे, हरि प्रसाद, बुद्धि, बैधू, मोलहे आदि के मकान शामिल हैं। सभी मकान उजाड़कर पलायन की तैयारी में हैं। 50 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है। इस समय नदी गांव निवासी बेचई, महाराज, बलबीर, बिहारी, और ननकऊ आदि के खेती योग्य जमीन में कटान कर रही है।
नदी में जलस्तर बढ़ने और शुरू हुई कटान की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मौके का निरीक्षण किया है। उपजिलाधिकारी ने अन्य ग्रामीणों को सजग रहने के भी निर्देश दिए हैं। क्षेत्रीय लेखपालों को गांवों में कैप कर नजर रखने को कहा गया है।