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तेज बुखार से तीन मासूमों की फिर सांसें थमीं
Updated Thu, 14 Sep 2017 11:31 PM IST
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बहराइच। तराई में मौसम परिवर्तन मासूमों की जिंदगी के लिए मुश्किल बन गया है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में भर्ती तीन मासूमों की गुरुवार को इलाज के दौरान सुबह से शाम के मध्य सांसें थम गईं। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए हैं। वहीं 13 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें एक मासूम की हालत नाजुक होने पर उसे मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर किया गया है।
जिले में बुखार व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन बच्चे दम तोड़ रहे हैं। हुजूरपुर के मेचौरा गांव निवासी राज (डेढ़) पुत्र बेचू को तीन दिन से तेज बुखार की शिकायत थी। स्थानीय चिकित्सकों को परिवारीजनों ने दिखाया। इलाज में लाभ न होने पर उसे जिला अस्पताल लेकर आए। बुधवार देर शाम को मासूम को भर्ती कराया गया। लेकिन गुरुवार सुबह हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन जान नहीं बच सकी। उधर विशेश्वरगंज के प्रतापपुर निवासी अरशद (9) को भी तेज बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायत थी। इलाज के दौरान उसने भी दोपहर एक बजे के आसपास दम तोड़ दिया। वहीं खैरीघाट निवासी मनोज की पत्नी ने सुबह बेटे को जन्म दिया। जन्म के तीन घंटे बाद उसे तेज बुखार और श्वांस लेने में तकलीफ हुई। आननफानन परिवारीजनों ने नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया। चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। लेकिन मासूम ने दम तोड़ दिया। वहीं विभिन्न रोगों से ग्रसित और 13 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें बलरामपुर जिला अस्पताल से रेफर होकर तुलसीपुर निवासी रामजी (3) की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर किया है।
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जिले में बुखार व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन बच्चे दम तोड़ रहे हैं। हुजूरपुर के मेचौरा गांव निवासी राज (डेढ़) पुत्र बेचू को तीन दिन से तेज बुखार की शिकायत थी। स्थानीय चिकित्सकों को परिवारीजनों ने दिखाया। इलाज में लाभ न होने पर उसे जिला अस्पताल लेकर आए। बुधवार देर शाम को मासूम को भर्ती कराया गया। लेकिन गुरुवार सुबह हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन जान नहीं बच सकी। उधर विशेश्वरगंज के प्रतापपुर निवासी अरशद (9) को भी तेज बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायत थी। इलाज के दौरान उसने भी दोपहर एक बजे के आसपास दम तोड़ दिया। वहीं खैरीघाट निवासी मनोज की पत्नी ने सुबह बेटे को जन्म दिया। जन्म के तीन घंटे बाद उसे तेज बुखार और श्वांस लेने में तकलीफ हुई। आननफानन परिवारीजनों ने नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया। चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। लेकिन मासूम ने दम तोड़ दिया। वहीं विभिन्न रोगों से ग्रसित और 13 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें बलरामपुर जिला अस्पताल से रेफर होकर तुलसीपुर निवासी रामजी (3) की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर किया है।
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