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लूट के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष का कारावास
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बहराइच। पंद्रह वर्ष के बाद बीते शनिवार को लूट के मामले में अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई के दौरान अभियुक्त को सजा सुनाते हुए 20 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
डीजीसी क्रिमिनल मुन्नूलाल मिश्रा ने बताया कि लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा पयागपुर में खजांची के पद पर तैनात वादी मुकदमा रामकृपाल ने पयागपुर थाने में पांच फरवरी 2007 को तहरीर देकर जनपद श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र निवासी सुभाष मिश्रा के खिलाफ तहरीर देकर बैंक के पांच लाख रुपये के लूट का मुकदमा दर्ज कराया था।
डीजीसी क्रिमिनल मिश्र ने बताया कि 15 वर्ष के बाद मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट मनोज कुमार मिश्र द्वितीय के न्यायालय पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश मिश्र ने अभियुक्त सुभाष को दोष सिद्ध करते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। डीजीसी क्रिमिनल मिश्र ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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डीजीसी क्रिमिनल मुन्नूलाल मिश्रा ने बताया कि लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा पयागपुर में खजांची के पद पर तैनात वादी मुकदमा रामकृपाल ने पयागपुर थाने में पांच फरवरी 2007 को तहरीर देकर जनपद श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र निवासी सुभाष मिश्रा के खिलाफ तहरीर देकर बैंक के पांच लाख रुपये के लूट का मुकदमा दर्ज कराया था।
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डीजीसी क्रिमिनल मिश्र ने बताया कि 15 वर्ष के बाद मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट मनोज कुमार मिश्र द्वितीय के न्यायालय पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश मिश्र ने अभियुक्त सुभाष को दोष सिद्ध करते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। डीजीसी क्रिमिनल मिश्र ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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