{"_id":"60d760c78ebc3e4ce16ed051","slug":"zip-member-s-anticipatory-bail-application-rejected-baghpat-news-mrt5445257134","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिपं सदस्य महबूब अल्वी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिपं सदस्य महबूब अल्वी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। एडीजे चतुर्थ सुशील कुमार तृतीय की अदालत ने उर्वरकों की कालाबाजारी के मामले में जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी की अग्रिम जमानत अर्जी शनिवार को खारिज कर दी।
समाजवादी पाटी के जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी की बरनावा में ग्रीन फर्टिलाइजर नाम से दुकान है। अफसरों को शिकायत मिली थी कि महबूब अल्वी मनमाने दामों पर उर्वरकों की बिक्री कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने टीम के साथ बीती आठ जून को दुकान पर छापा मारा था। वहां यूरिया व डीएपी उर्वरक उपलब्ध मिला, लेकिन कैश मैमो व स्टाक रजिस्टर नहीं मिले थे। अधिकारियों ने प्राप्त दस्तावेज सीज कर दिए थे। इसके बाद बिनौली थाने में महबूब अल्वी के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। केस के आरोपी महबूब अल्वी ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि उन्हें रंजिशन फंसाया जा रहा है। भाजपा के उम्मीदवार को वोट देने से मना किया तो उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि उन्होंने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। एडीजे चतुर्थ सुशील कुमार तृतीय ने आरोपी महबूब अल्वी की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई कर उसे खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
समाजवादी पाटी के जिला पंचायत सदस्य महबूब अल्वी की बरनावा में ग्रीन फर्टिलाइजर नाम से दुकान है। अफसरों को शिकायत मिली थी कि महबूब अल्वी मनमाने दामों पर उर्वरकों की बिक्री कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने टीम के साथ बीती आठ जून को दुकान पर छापा मारा था। वहां यूरिया व डीएपी उर्वरक उपलब्ध मिला, लेकिन कैश मैमो व स्टाक रजिस्टर नहीं मिले थे। अधिकारियों ने प्राप्त दस्तावेज सीज कर दिए थे। इसके बाद बिनौली थाने में महबूब अल्वी के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। केस के आरोपी महबूब अल्वी ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि उन्हें रंजिशन फंसाया जा रहा है। भाजपा के उम्मीदवार को वोट देने से मना किया तो उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
विज्ञापन
एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि उन्होंने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। एडीजे चतुर्थ सुशील कुमार तृतीय ने आरोपी महबूब अल्वी की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई कर उसे खारिज कर दिया।
विज्ञापन