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बुखार से युवक की मौत, बुग्गी से श्मशान ले गए शव
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चांदीनगर (बागपत)। कोरोना संक्रमण की दहशत से सामाजिक ताना-बाना भी बिखरने लगा है। खट्टा प्रहलादपुर गांव में युवक की बुखार से मौत हो गई। एक सप्ताह पहले मृतक के पिता की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में कम ही लोग शामिल हुए। हालात यह बने कि अर्थी के बजाए शव को बुग्गी में रखकर श्मशान तक ले जाना पड़ा। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के परिवार के नौ लोगों के सैंपल लिए।
खट्टा प्रहलादपुर गांव निवासी कुलदीप (40) पुत्र सुखबीर गाजियाबाद एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। दो दिन से वह बुखार से पीड़ित था। मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने से उसने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। 11 जून को कुलदीप के पिता सुखबीर की भी बुखार से मौत हो गई थी। एक सप्ताह में एक घर के दो लोगों की बुखार से मौत होने के कारण ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया। आशंका हुई कि कहीं युवक की मौत कोरोना संक्रमण से तो नहीं हुई। यहीं वजह रही कि मृतक के घर बेहद कम लोग पहुंचे। दहशत का आलम यह भी था कि अंतिम संस्कार के लिए अर्थी के बजाए शव को बुग्गी में रखकर श्मशान घाट तक ले जाना पड़ा।
उधर, ग्रामीणों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। मृतक के परिवार की तीन महिला, एक पुरुष और पांच बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
पिता की मौत के बाद छोड़ दी थी नौकरी
चांदीनगर। पिता की मौत के बाद कुलदीप ने कंपनी में जाना छोड़ दिया था और वह अपने घर पर ही रहता था। परिवार में दो मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। कुलदीप की चार बेटियां है। पत्नी के अलावा मां है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ा भाई भी है, जो गाजियाबाद में अपने परिवार के संग रहता है।
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खट्टा प्रहलादपुर गांव निवासी कुलदीप (40) पुत्र सुखबीर गाजियाबाद एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। दो दिन से वह बुखार से पीड़ित था। मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने से उसने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया। 11 जून को कुलदीप के पिता सुखबीर की भी बुखार से मौत हो गई थी। एक सप्ताह में एक घर के दो लोगों की बुखार से मौत होने के कारण ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया। आशंका हुई कि कहीं युवक की मौत कोरोना संक्रमण से तो नहीं हुई। यहीं वजह रही कि मृतक के घर बेहद कम लोग पहुंचे। दहशत का आलम यह भी था कि अंतिम संस्कार के लिए अर्थी के बजाए शव को बुग्गी में रखकर श्मशान घाट तक ले जाना पड़ा।
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उधर, ग्रामीणों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। मृतक के परिवार की तीन महिला, एक पुरुष और पांच बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
पिता की मौत के बाद छोड़ दी थी नौकरी
चांदीनगर। पिता की मौत के बाद कुलदीप ने कंपनी में जाना छोड़ दिया था और वह अपने घर पर ही रहता था। परिवार में दो मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। कुलदीप की चार बेटियां है। पत्नी के अलावा मां है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ा भाई भी है, जो गाजियाबाद में अपने परिवार के संग रहता है।
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