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पंजीकरण के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे किसान
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पंजीकरण के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे किसान
बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार से जुडे़ सैकड़ों किसान सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं का लाभ उठा नहीं पा रहे हैं। इसके पीछे कृषि विभाग के अधिकारी समय पर पंजीकरण न होना बता रहे हैं।
बता दें कि राजकीय बीज भंडार से 44 गांवों से हजारों किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से अभी भी 40 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है जबकि समय-समय पर कृषि विभाग के अफसर गांव-गांव और नगर में पंजीकरण कराने के लिए घोषणाएं कराते रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद बहुत से किसान अभी भी पंजीकरण कराने के प्रति जागरूक नहीं है। इसके चलते राजकीय बीज भंडार पर इस समय आए सरसों व मसूर के बीज पर भी किसान अनुदान नहीं ले पा रहे हैं। उधर, एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान बताते हैं कि वैसे तो बहुत सी योजनाएं सरकार ने किसानों के लिए चला रखी है। इनका प्रचार-प्रसार विभाग द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन इस समय राजकीय बीज भंडार पर आए सरसों और मसूर के बीज पर भी बिना पंजीकरण किसानों को अनुदान नहीं मिल पा रहा है। बताया कि सरसों के बीज के दाम 73.35 रूपये किलो और मसूर के दाम 77.15 रुपये प्रति किलो है। इस पर किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा जो सीधे किसानां के खाते में जाएगा। दो हेक्टेयर तक जमीन वाला किसान अनुदान का लाभ ले सकते है।
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बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार से जुडे़ सैकड़ों किसान सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं का लाभ उठा नहीं पा रहे हैं। इसके पीछे कृषि विभाग के अधिकारी समय पर पंजीकरण न होना बता रहे हैं।
बता दें कि राजकीय बीज भंडार से 44 गांवों से हजारों किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से अभी भी 40 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है जबकि समय-समय पर कृषि विभाग के अफसर गांव-गांव और नगर में पंजीकरण कराने के लिए घोषणाएं कराते रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद बहुत से किसान अभी भी पंजीकरण कराने के प्रति जागरूक नहीं है। इसके चलते राजकीय बीज भंडार पर इस समय आए सरसों व मसूर के बीज पर भी किसान अनुदान नहीं ले पा रहे हैं। उधर, एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान बताते हैं कि वैसे तो बहुत सी योजनाएं सरकार ने किसानों के लिए चला रखी है। इनका प्रचार-प्रसार विभाग द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन इस समय राजकीय बीज भंडार पर आए सरसों और मसूर के बीज पर भी बिना पंजीकरण किसानों को अनुदान नहीं मिल पा रहा है। बताया कि सरसों के बीज के दाम 73.35 रूपये किलो और मसूर के दाम 77.15 रुपये प्रति किलो है। इस पर किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा जो सीधे किसानां के खाते में जाएगा। दो हेक्टेयर तक जमीन वाला किसान अनुदान का लाभ ले सकते है।
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