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राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ यज्ञ का समापन
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ऋषि दयानंद की विचारधारा से होगा राष्ट्र उन्नत : सत्यवेश
बिनौली। रंछाड़ गांव में चल रहे तीन दिवसीय सामवेद पारायण यज्ञ का रविवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।
इस मौके पर वैदिक विद्वान स्वामी सत्यवेश ने कहा आज समाज मे पश्चिम की संस्कृति के कुप्रभाव से तमाम विकृतियां व बुराइयां पनप गयी है। इससे राष्ट्र की उन्नति अवरुद्ध हो रही है। ऐसी विषम परिस्थितियों में महर्षि दयानंद की विचारधारा को आत्मसात करने तथा संसार के सर्वश्रेष्ठ कर्म यज्ञ को नियमित रूप से करने की आवश्यकता है। डॉ. भोपाल सिंह आर्य, विदुषी आर्य आयुषी राणा, भारती, सविता आर्य, भजनोपदेशक महाशय सोमपाल, योगेंद्र आर्य, आभा आर्य आदि ने भी वेदोपदेश दिया। परविंदर सपत्नीक यज्ञमान रहे। स्वस्ति आर्य ने सस्वर वेदपाठ किया। संयोजक विरेंद्र तब्बू, सतबीर हरिया, सुरेंद्र सिंह, राजकरण, एसआई ओमवीर सिंह, कृष्णपाल शर्मा, जयसिंह, महावीर सिंह, रामबीर, बेदीराम, गजे सिंह, महक सिंह, रामनिवास आदि रहे।
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बिनौली। रंछाड़ गांव में चल रहे तीन दिवसीय सामवेद पारायण यज्ञ का रविवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर राष्ट्र कल्याण की कामना की।
इस मौके पर वैदिक विद्वान स्वामी सत्यवेश ने कहा आज समाज मे पश्चिम की संस्कृति के कुप्रभाव से तमाम विकृतियां व बुराइयां पनप गयी है। इससे राष्ट्र की उन्नति अवरुद्ध हो रही है। ऐसी विषम परिस्थितियों में महर्षि दयानंद की विचारधारा को आत्मसात करने तथा संसार के सर्वश्रेष्ठ कर्म यज्ञ को नियमित रूप से करने की आवश्यकता है। डॉ. भोपाल सिंह आर्य, विदुषी आर्य आयुषी राणा, भारती, सविता आर्य, भजनोपदेशक महाशय सोमपाल, योगेंद्र आर्य, आभा आर्य आदि ने भी वेदोपदेश दिया। परविंदर सपत्नीक यज्ञमान रहे। स्वस्ति आर्य ने सस्वर वेदपाठ किया। संयोजक विरेंद्र तब्बू, सतबीर हरिया, सुरेंद्र सिंह, राजकरण, एसआई ओमवीर सिंह, कृष्णपाल शर्मा, जयसिंह, महावीर सिंह, रामबीर, बेदीराम, गजे सिंह, महक सिंह, रामनिवास आदि रहे।
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