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मंदिरों में की मां कात्यायनी की पूजा
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मंदिरों में की मां कात्यायनी की पूजा
बड़ौत (बागपत)। नवरात्र के छठे दिन मां के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की गई और मंदिरों में पुजारियों ने माताओं की कथा सुनाई और महिलाओं ने माता का गुणगान किया।
रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा मंदिर, पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर और अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने माता कात्यायन देवी की पूजा कर उपवास रखे। मंदिरों में महिलाओं ने भजन कीर्तन के आयोजन किए। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि महर्षि कात्यायन ने भगवती की कठोर तपस्या द्वारा माता से पुत्री रूप में अवतरित होने का वरदान प्राप्त किया था। बाद में ऋषि के यहां भक्तों के कल्याणार्थ कात्यायनी का प्रादुभाव हुआ। अमोघ फल देने वाली माता की उपासना ब्रज धाम की गोपियों ने भी भगवान कृष्ण को प्राप्त करने के लिये यमुना तट पर किया था। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इनका जप-तप करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रि पर्व पर रोजाना मंदिर में यज्ञ होता है। इसमें श्रद्धालु बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं।
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बड़ौत (बागपत)। नवरात्र के छठे दिन मां के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की गई और मंदिरों में पुजारियों ने माताओं की कथा सुनाई और महिलाओं ने माता का गुणगान किया।
रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा मंदिर, पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर और अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने माता कात्यायन देवी की पूजा कर उपवास रखे। मंदिरों में महिलाओं ने भजन कीर्तन के आयोजन किए। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि महर्षि कात्यायन ने भगवती की कठोर तपस्या द्वारा माता से पुत्री रूप में अवतरित होने का वरदान प्राप्त किया था। बाद में ऋषि के यहां भक्तों के कल्याणार्थ कात्यायनी का प्रादुभाव हुआ। अमोघ फल देने वाली माता की उपासना ब्रज धाम की गोपियों ने भी भगवान कृष्ण को प्राप्त करने के लिये यमुना तट पर किया था। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इनका जप-तप करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रि पर्व पर रोजाना मंदिर में यज्ञ होता है। इसमें श्रद्धालु बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं।
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