विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस: दूध-खोया हो, मसाले या तेल, नहीं थम रहा खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल
खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बागपत जनपद में ही एक साल में सबसे अधिक दूध के 33 और खोया के 49 नमूने फेल हुए हैं। मिलावटखोरों पर 36 लाख का जुर्माना भी लग चुका है जबकि 53 मामलों की कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
विस्तार
दूध, खोया के साथ मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल चल रहा है। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में पिछले एक साल में 123 नमूने फेल हुए हैं। इनमें सबसे अधिक दूध के 33 और खोया के 49 नूमने फेल हुए हैं। खाद्य विभाग की ओर से एक साल में मिलावट खोरों पर 36 लाख 24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और 53 नमूनों की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जहां आरोप सिद्ध होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो महीने में 16 नमूने हुए फेल
खाद्य विभाग की ओर से अप्रैल और मई में 17 नमूने जांच के लिए भेजे गए, इनमें से 16 नमूने फेल हो गए हैं। इनके खिलाफ विभाग की ओर से वाद दायर कराया गया है।
दूध में पानी तो खोया में रिफाइंड की मिलावट
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद का कहना है कि जिले में सबसे अधिक दूध में पानी की मिलावट की जा रही है। इसके अलावा जांच में पाया गया है कि रिफाइंड और मिल्क पाउडर मिलाकर खोया बनाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: Meerut: बेंगलूरु की तर्ज पर बनेंगी शहर की पांच सड़कें, 20 साल तक न टूटने की गारंटी, आएगी 25 करोड़ की लागत
अन्य जगह से आने वाला खोया और पनीर सबसे खराब
यहां आसपास के जिलों से सप्लाई होने वाले खोया और पनीर में सबसे अधिक मिलावट मिल रही है। विभाग की ओर से चेकिंग अभियान के दौरान दूसरे जिलों से सप्लाई होने वाले मावा और पनीर में अधिक मिलावट का खेल हो रहा है।
यह हो सकता है नुकसान
चिकित्सकों का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पेट, आंत, किडनी और त्वचा के अलावा लीवर को सबसे अधिक नुकसान होता है। केमिकल युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से केमिकल खून में मिलकर पूरे शरीर को प्रभावित करता है। इसका सेवन करने से आंखों और त्वचा की बीमारी की सबसे अधिक परेशानी होती है और पाचनतंत्र भी कमजोर हो जाता है जिससे बीमारी बढ़ने की अधिक आशंका रहती है।
एक साल में लिए गए नमूने
| पदार्थ | नमूने | फेल |
| दूध | 54 | 33 |
| खोया | 72 | 49 |
| मिठाई | 30 | 20 |
| पनीर | 10 | 10 |
| दाल, तेल | 23 | 11 |
| कुल | 189 | 123 |
मिलावट खोरों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। एक साल में 36 लाख 24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, जबकि 53 केस की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अब विभाग की ओर से फलों और जूस की दुकानों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। - मानवेंद्र सिंह, सहायक खाद्य अधिकारी
मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पूरा शरीर प्रभावित होता है। मिलावटी खाद्य पदार्थ सबसे अधिक लीवर, किडनी और आंत को प्रभावित करता है। - डॉ. विभाष राजपूत, सीएचसी अधीक्षक