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महिला अस्पताल बंद, इलाज में देरी पर महिला और नवजात की मौत
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बागपत। लॉकडाउन होते ही संयुक्त महिला चिकित्सालय को बंद कर दिया गया है। यहां प्रसव नहीं कराए जा रहे है। इसी को देखते हुए एक परिवार ने प्रसव पीड़ा होने पर महिला को लेकर बड़ौत के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। मगर, देरी से मिले उपचार के चलते महिला और नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस वाले ने भी जिला अस्पताल का हवाला देते हुए ले जाने से मना कर दिया।
लॉक डाउन के बाद संयुक्त महिला अस्पताल को बंद कर दिया गया था। प्रसव के नॉर्मल केस अब संबंधित सीएचसी पर देखे जा रहे हैं, जबकि सिजेरियन वाले केस मेरठ या दिल्ली रेफर कर दिए जाते हैं। शनिवार सुबह चार बजे नगर के ईदगाह मोहल्ले की हनीफा को प्रसव पीड़ा हुई। उसके पति अनीस व देवर शमीम ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस को बुलाया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस स्टाफ ने महिला को जिला अस्पताल में प्रसव बंद होने का हवाला देते हुए ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन महिला को इलाज के लिए बड़ौत के एक प्राईवेट अस्पताल में लेकर चले गए। यहां प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. आरके टंडन का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते जिला अस्पताल में ऑपरेशन बंद हैं। अस्पताल में सर्जिकल डिलीवरी के मरीजों को एडमिट नहीं किया जा रहा है, केवल नॉर्मल डिलीवरी की व्यवस्था है। सिजेरियन प्रकरणों को अब मेरठ भेजा जा रहा है।
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प्रसव के लिए आसपास के जिलों में दौड़
बागपत। जिला महिला अस्पताल बंद होते ही अब लोग प्रसव के प्रकरणों में आसपास के जिलों के नर्सिंग होम या सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, ट्रोनिका सिटी समेत अन्य क्षेत्र में पहुंचकर प्रसव कराया जा रहा है।
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लॉक डाउन के बाद संयुक्त महिला अस्पताल को बंद कर दिया गया था। प्रसव के नॉर्मल केस अब संबंधित सीएचसी पर देखे जा रहे हैं, जबकि सिजेरियन वाले केस मेरठ या दिल्ली रेफर कर दिए जाते हैं। शनिवार सुबह चार बजे नगर के ईदगाह मोहल्ले की हनीफा को प्रसव पीड़ा हुई। उसके पति अनीस व देवर शमीम ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस को बुलाया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस स्टाफ ने महिला को जिला अस्पताल में प्रसव बंद होने का हवाला देते हुए ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन महिला को इलाज के लिए बड़ौत के एक प्राईवेट अस्पताल में लेकर चले गए। यहां प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई।
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सीएमओ डॉ. आरके टंडन का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते जिला अस्पताल में ऑपरेशन बंद हैं। अस्पताल में सर्जिकल डिलीवरी के मरीजों को एडमिट नहीं किया जा रहा है, केवल नॉर्मल डिलीवरी की व्यवस्था है। सिजेरियन प्रकरणों को अब मेरठ भेजा जा रहा है।
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प्रसव के लिए आसपास के जिलों में दौड़
बागपत। जिला महिला अस्पताल बंद होते ही अब लोग प्रसव के प्रकरणों में आसपास के जिलों के नर्सिंग होम या सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, ट्रोनिका सिटी समेत अन्य क्षेत्र में पहुंचकर प्रसव कराया जा रहा है।